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येलो फीवर: एम्स में खुलेगा प्रदेश का दूसरा टीकाकरण केंद्र

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अफ्रीकी-दक्षिण अमेरिकी देशों की यात्रा पर जाने वाले लोगों के लिए जरूरी है टीकाकरण
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प्रदेश में केजीएमयू लखनऊ के बाद एम्स गोरखपुर में भी मिलेगी सुविधा



अमर उजाला ब्यूरो



गोरखपुर। येलो फीवर से बचाव के लिए एम्स गोरखपुर में प्रदेश का दूसरा टीकाकरण केंद्र खुलेगा। केजीएमयू लखनऊ में पहले से यह सुविधा उपलब्ध है। एम्स गोरखपुर में यह केंद्र खुल जाने से अफ्रीकी और दक्षिण अमेरिका के देशों की यात्रा पर जाने वाले लोगों को टीकाकरण के लिए लखनऊ नहीं जाना होगा।



दो दिन पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने एम्स के आयुष विभाग में प्रस्तावित टीकाकरण केंद्र का निरीक्षण किया था। टीम ने यहां की व्यवस्था को ठीक बताया है। कर्मचारियों के प्रशिक्षण के बाद टीके की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
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आंखें और त्वचा हो जाती हैं पीली



येलो फीवर या पीला बुखार अफ्रीका महाद्वीप और दक्षिण अमरिका के 42 देशों में बहुतायत से होता है। एम्स के सामुदायिक और पारिवारिक चिकित्सा विभाग के डॉ. आनंद मोहन दीक्षित ने बताया कि यह रोग एडीज एजिप्टी नामक मच्छर के कारण फैलता है। इस बीमारी में मरीज की त्वचा और आंखें पीली हो जाती हैं। इसलिए इस बीमारी को येलो फीवर कहा जाता है। सामुदायिक और पारिवारिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. हरी शंकर जोशी ने बताया कि इस बीमारी का अभी अपने देश में कोई भी केस नहीं है, लेकिन परिस्थिति और वातावरण अनुकूल है। इसलिए यह वैक्सीन उन अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को दी जाती है, जो अफ्रीका महाद्वीप और दक्षिणी अमेरिका के प्रभावित 42 देशों में यात्रा करने जाते हैं।
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वर्जन



अफ्रीकी और दक्षिणी अमेरिका के कई देशों में यात्रा के लिए येलो फीवर का टीकाकरण प्रमाणपत्र जरूरी है। ऐसे में इस केंद्र से पूर्वांचल और बिहार के नजदीकी जिले के लोगों को सुविधा मिलेगी।एम्स के कार्यकारी प्रो. -गोपाल कृष्ण पाल, कार्यकारी निदेशक, एम्स गोरखपुर
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