रेलवे स्टेशन पर सत्याग्रह एक्सप्रेस पर चढ़ते यात्री।
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कैंट स्टेशन पर यार्ड रिमाडलिंग और कैंट-कुसम्ही तीसरी लाइन के प्री नॉन इंटरलाकिंग (प्वाइंट व सिगनल) का कार्य मंगलवार को पूरा हो जाएगा। इसके बाद 6 से 11 सितंबर तक नॉन इंटरलाकिंग कार्य होगा। 11 सितंबर को ही मुख्य संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) का निरीक्षण होगा। अगर उनकी जांच में सब कुछ ठीक मिला तब जाकर इस रूट पर ट्रेनों का आवागमन सामान्य हो सकेगा। इसलिए इस पूरे सप्ताह अभी इस रूट पर रेल यात्रियों को दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी।
गोरखपुर जंक्शन पर डोमिनगढ़ से लेकर कुसम्ही तक तीसरी लाइन बिछाने का कार्य होना है। पहले चरण में अभी कुसम्ही से कैंट स्टेशन के बीच इस लाइन को बिछाया गया है। अब पटरियों को जोड़ने, सिग्नल सिस्टम को चालू करने, मेन लाइन व नई लाइन के प्वाइंट को अपडेट करने आदि का कार्य हो रहा है। इस कार्य के पूरा होने के बाद ट्रेनों और मालगाड़ियों को चलाने के लिए नया विकल्प मिल जाएगा।
पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि गोरखपुर कैंट- कुसम्ही के मध्य तीसरी लाइन का कार्य अंतिम चरण में हैं, जिसके कारण ट्रेनें प्रभावित हो रही हैं। 11 सितंबर को सी आर एस निरीक्षण प्रस्तावित है, जिसके बाद ट्रेनों का संचलन नार्मल हो जाएगा तथा यात्रियों को तीसरी लाइन के रूप में अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।