गोरखपुर। जिला अस्पताल में एक्सरे-सीटी स्कैन जांच कराने के लिए मरीज पिछले चार दिनों से परेशान हैं। लेकिन उन्हें अगले दिन का हवाला देकर लौटा दिया जा रहा है। इसकी वजह से मरीजों को निजी केंद्रों पर जांच के लिए जाना पड़ रहा है। जिला अस्पताल प्रशासन मशीन ठीक करने का दावा हर दिन मरीजों से कर रहा है। लेकिन, यह जांच नहीं हो पा रही है।
बताया जा रहा है कि सीटी स्कैन कक्ष में एसी न काम करने से जांच नहीं हो पा रही है। उस पर मैनुएल एक्सरे भी खराब है। जबकि, मैनुअल एक्सरे मशीन से ज्यादातर मेडिको लीगल की जांच होती है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र के थानों से भी पीड़ितों को लेकर पुलिसकर्मी पहुंच रहे हैं, उन्हें अगले दिन कहकर बुलाया जा रहा है। पहुंचने पर फिर से वही कहानी दोहराई जा रही है। जिला अस्पताल में बेलघाट थाने से मेडिकाेलीगल कराने आए एक सिपाही ने बताया कि शनिवार को सीटी स्कैन कराने आया था। उस दिन सोमवार का टोकन दिया गया था, सोमवार को पहुंचने पर मशीन खराब होने की बात कहते हुए लौटा दिया गया। मंगलवार को आया तो भी यही बताया गया। पिछले तीन दिनों से परेशान हूं। इसी तरह एक्स-रे कराने आए अली नगर के सुभाष ने बताया कि सोमवार से दौड़ाया जा रहा है, लेकिन एक्स-रे नहीं हो पा रहा है। मजबूरी में निजी अस्पताल में 700 रुपये खर्च कर एक्स-रे करवाया हूं।
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100 से अधिक मरीज निराश लौटे
जिला अस्पताल में प्रतिदिन सीटी स्कैन और मुनैएल एक्स-रे के लिए प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज आते हैं, लेकिन पिछले चार दिनों से इन मरीजों को निजी अस्पतालों में जांच करानी पड़ रही है। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से मरीजों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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थायरॉयड और हार्माेंस की जांच मशीन खराब होने से बंद हुई जांच
जिला अस्पताल में मरीजों का सीटी स्कैन और मैनुएल एक्स-रे ही नहीं हो पा रहा है। बल्कि मरीजों की खून संबंधित जांच भी नहीं हो पा रही है। सोमवार को पैथालॉजी विभाग में एक नोटिस चस्पा कर दी गई है। नोटिस में साफ शब्दों में लिखा गया है कि थायरॉयड और हार्माेंस की जांच मशीन खराब है। ऐसे में जांच नहीं हो पाएगी। इसकी वजह से हर दिन 40 से 50 मरीज निराश होकर लौट रहे हैं। अस्पताल में हर दिन इन जांचों के लिए करीब 40 से 50 मरीज पहुंचते हैं। जबकि, यह जांच निजी पैथालॉजी में कराने पर मरीजों को 500 से 600 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। हॉरमोंस और थायरॉयड जांच के लिए पहुंची छोटेकाजीपुर की सावित्री ने बताया कि अस्पताल में दो दिनों से जांच नहीं हो रही है। मजबूरी में मंगलवार को बाहर से जांच करानी पड़ी है।
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सीटी स्कैन मशीन जहां लगाई गई है, वहां पर एसी खराब है। साथ ही सीटी स्कैन मशीन का कुछ पार्ट्स भी खराब हैं। इसके अलावा मैनुएल एक्स-रे मशीन भी खराब है। इसकी जानकारी संबंधित कंपनी के इंजीनियर को दे दी गई है। एक से दो दिनों में मशीन ठीक हो जाएगी।
-राजेंद्र ठाकुर, एसआईसी, जिला अस्पताल