एसएसपी ने बताया कि नंदानगर में रहने वाली रविता वर्मा सिलाई की दुकान चलाती है। वहीं पर पिछले चार महीने से बैतुल्लाह अंसारी दर्जी का काम करता था। रविता वर्मा की तीन बेटियां हुई थी, जिसमें से एक की मौत हो चुकी है। अब उसे बच्चे नहीं हो सकते थे और उसे बेटे की चाहत थी।
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इसके लिए उसने बैतुल्लाह अंसारी को लालच दिया कि अगर वह उसके लिए बेटे की व्यवस्था कर देगा तो उचित इनाम भी मिलेगा और जब तक चाहेगा, काम कर सकता है। इसी लालच में बैतुल्लाह ने पहले रुकसान के बच्चे अरबाज के अपहरण के लिए रेकी की। क्योंकि, कुशीनगर की मूल निवासी रुकसाना एक टीनशेड में रहकर मजदूरी करती है, इस वजह से वह जान चुका था कि उसके बच्चे को आसानी से उठाया जा सकता है।
23 जून की रात गर्मी ज्यादा होने की वजह से रुकसाना अपने बेटे के साथ कमरे के बाहर ही सोई थी। रात में 1.36 बजे के करीब बैतुल्लाह अंसारी ने बच्चे को चुरा लिया। साढ़े चार बजे के करीब जब रुकसाना की आंख खुली तो बेटे को खोजने लगी। काफी तलाश के बाद भी बच्चा नहीं मिला। रुकसाना काफी तलाश के बाद 27 जून की शाम में थाने पहुंच गई।
पुलिस ने केस दर्ज कर सीसी टीवी कैमरों को खंगाला तो उसमें बैतुल्लाह बच्चा लेकर जाते नजर आ गया। तलाश के दौरान लोकेशन मिलने पर पुलिस गोपालगंज पहुंच गई और बच्चे को बरामद कर लिया। एसएसपी ने बताया कि बच्चे को चोरी करने के बाद बैतुल्लाह ने रविता को बच्चा दिया था और उसने अपने पिता के घर गोपालगंज पहुंचा दिया था। सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश किया।