अर्चना यादव (फाइल फोटो) और पुलिस के गिरफ्त में प्रेमी अजय यादव।
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शाहपुर इलाके के अशोकनगर की अर्चना सिंह ने 5 जनवरी 2016 की रात अपने प्रेमी फिरोजाबाद निवासी शिक्षक अजय यादव के साथ मिलकर पति को मौत के घाट उतारा था। जांच में पता चला कि अजय को अर्चना ने ट्रेन से बुलाया। फिर उसे अपने कमरे में छिपा दिया। रात में पति के सोने के बाद प्रेमी के साथ संबंध बनाई और भोर में पति नेत्र चिकित्सक डॉ. ओमप्रकाश यादव की हथौड़े से मार कर हत्या कर दी।
इस दौरान उसका पांच साल का मासूम बेटा नितिन जग गया और रोते हुए मां की गोद में आ गया। प्रेमी को बच्चे पर दया आ गई और उसने अर्चना को बोला कि इसे रहने दो। लेकिन, अर्चना का दिल नहीं पसीजा और उसने खुद अपने हाथ से बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। दोनों को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है और दोनों अक्सर जेल प्रशासन से मिलने की अर्जी देते हैं।
22 अप्रैल 2017 की रात कैंट इलाके के कूड़ाघाट विशुन पुरवा निवासी सुषमा सिंह ने प्रेमी देवरिया निवासी डब्लू सिंह के साथ मिलकर पति विवेक प्रताप सिंह की हत्या कर दी। पकड़े गए डब्लू ने बताया कि सुषमा ने मेरे साथ मिलकर अपने पति की हत्या की।
उसके बेटे ने हत्या करते हुए देख लिया, जिसके बाद वह उसको मारने जा रहा था, तो सुषमा ने बोला कि वह डब्लू का ही बेटा है। बाद में उसी बेटे ने हत्या का राज खोला था। दोनों जेल में हैं। सजा होने के कुछ समय बाद एक बार पेशी पर आने के दौरान एक पुलिसकर्मी की मिलीभगत से होटल के कमरे में मिलने भी गए थे, लेकिन, पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ लिया था। हालांकि अभी कोर्ट में इस मामले का ट्रायल चल रहा है।
जिस पति ने पढ़ाकर शिक्षिका बनवाया, उसी की करवा दी हत्या, जेल में रखती है करवाचौथ व्रत
3 अप्रैल 2018 को चिलुआताल के जंगल नकहा नंबर दो कोइलहिया निवासी हार्डवेयर व्यापारी विनोद की हत्या उसकी पत्नी आशा ने प्रेमी अनूप मोदनवाल के साथ मिलकर की थी। दरअसल, शादी के बाद विनोद ने पत्नी आशा को पढ़ाया, उसे सरकारी शिक्षिका बनावाया। शिक्षिका आशा का पिपराइच के अनूप मोदनवाल से स्कूल आते-जाते समय प्रेम हो गया था। प्रेमी ने उसके आने-जाने के लिए ऑटो बुक करा दिया। आशा ने प्रेमी और ऑटो चालक की मदद से दो अप्रैल की रात में घर के पास पति विनोद की हत्या कर दी थी। अब जेल में आशा करवाचौथ व्रत रहती है। इस केस का मुकदमा ट्रायल पर है।
27 नवंबर 2020 को गोरखपुर के गोरखनाथ निवासी क्लीनिक कर्मचारी ओंकार उपाध्याय की हत्या उसकी पत्नी नीलम ने करा दी। क्योंकि उसे अपने फूफा से इश्क हो गया था। शादी के पहले से ही नीलम का अपने सगे फूफा बांसगांव निवासी रामअशीष मिश्र से अवैध संबंध था। शादी के बाद भी यह जारी रहा। पति को इस बात की भनक लग गई थी और वह उनके बीच रोड़ा बन रहा था। इसी वजह से दोनों ने साजिश रची और फिर रामअशीष ने ओंकार हत्या कर दी। मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
पति की हत्या में जेल गईं पत्नियां
27 नवंबर 2017: चिलुआताल निवासी मोहम्मद हनीफ की हत्या उसकी पत्नी शायरा खातून ने प्रेमी रज्जाक के साथ मिलकर ईंट से कूंच कर की थी।
04 मार्च 2018: सिद्धार्थनगर के गुजरवलिया की रहने वाली रुंधा ने प्रेमी के साथ मिलकर पति विजय सिंह व देवर दिनेश की हत्या की थी।
06 मई 2022: गुलरिहा में शराब भट्टी के पास छोटेलाल की हत्या में पत्नी को जेल भेजा गया।
08 मार्च 2022: सहजनवां के भैसला गांवमें राजेंद्र सिंह की हत्या में पत्नी को जेल भेजा गया।