दो रजिस्टर बनाए गए थे, बाद में करा दी जाती थी हाजिरी
सीवीसी से हुई शिकायत में यह आरोप लगाया गया था कि सितंबर-अक्तूबर 2021 के उपस्थिति रजिस्टर से पता चलता है कि डॉ शिखर किशोर वर्मा अपनी ड्यूटी पर नहीं आ रहे थे, जबकि उपस्थिति अन्य दो वरिष्ठ डाक्टरों ने दर्ज की थी। शिकायतकर्ता ने रजिस्टर के जो साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं, उसमें दोनों महीने में 1 से 14 तारीख तक डॉ विवेक हाड़ा और डॉ अरुप मोहंती ने हस्ताक्षर किए थे, जबकि एम्स प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए रजिस्टर में डॉ शिखर के भी हस्ताक्षर हैं। जिस दिन डॉ शिखर, सीएल ( अवकाश) पर थे, उसकी भी हाजिरी बना दी गई। यह सब वेतन को लेकर किया गया। जांच में सारे आरोपों की पुष्टि हुई है।
पांच में तीन सदस्यों के हस्ताक्षर
12 जुलाई 2021 को जूनियर रेजीडेंट पद के लिए साक्षात्कार का परिणाम घोषित किया गया था। इसमें डॉ शिवाल किशोर वर्मा चयन के लिए एकमात्र उम्मीदवार थे। डॉ वर्मा को कुल 50 में से सर्वाधिक 33.5 अंक प्राप्त हुए। हालांकि, मार्कशीट पर चयन समिति के पांच में से तीन सदस्यों के ही हस्ताक्षर हैं।