शासन की तरफ से संचालित 120 कार्यों, योजनाओं के क्रियान्वयन में गोरखपुर के प्रदेश में नीचे से दूसरे पायदान यानी 74वें नंबर पहुंचने से आला अफसरों में खलबली मच गई है। सीडीओ हर्षिता माथुर ने शनिवार को इसी संबंध में जिले के फिसड्डी विभागों के अफसरों के साथ विकास भवन सभागार में बैठक की।
सभी को काम में तेजी लाने के साथ ही शासन की वेबसाइट पर प्रगति रिपोर्ट भी समय से फीड करने की हिदायत दी गई। डीओ का कहना है कि रैंकिंग में जो तस्वीर सामने आई है, वास्तव में जिले की प्रगति उतनी खराब नहीं है। कुछ विभागों ने प्रगति रिपोर्ट की समय से फीडिंग ही नहीं की जिससे कई विकास कार्यक्रमों की समीक्षा में शून्य नंबर मिल गए। सभी को प्रगति रिपोर्ट फीड करने की जानकारी देने के साथ ही हिदायत भी दी गई है कि वे आगे से इसमें लापरवाही न करें।
बता दें कि दिसंबर की रैंकिंग रिपोर्ट में गोरखपुर जिले को 645 में से 339 नंबर यानी 52.56 फीसदी अंक ही मिले हैं। पहले नंबर पर 90.85 फीसदी अंक के साथ हापुड़ जिला है। गोरखपुर मंडल का कुशीनगर जिला 90.16 फीसदी अंक के साथ दूसरे जबकि 89.93 फीसदी अंक के साथ सहारनपुर तीसरे नंबर पर है। इसी तरह प्रदेश स्तर पर सभी 18 मंडलों के दिसंबर महीने की प्रगति रिपोर्ट के मुताबिक गोरखपुर मंडल नीचे से चौथे यानी 15वें पायदान पर है। मंडल को 690 में से 474 अंक मिले हैं। यानी 68.70 फीसदी अंक।