गोरखपुर। तीन दिन की बारिश के बाद कड़ी धूप के साथ मौसम गर्म हो गया है। ऐसे में गर्मी बढ़ने से बिजली की खपत भी बढ़ गई है। सोमवार को शहर के तीन बिजली घरों में खपत सबसे अधिक आंकी गई। खोराबार बिजली घर में 60 मेगावाट, रुस्तमपुर और गीडा औद्योगिक क्षेत्र में 65 मेगावाट की खपत थी। जबकि, तीन दिन पहले 45 से 50 मेगावाट तक की खपत के साथ बिजली प्रयोग की जा रही थी। ऐसे में ट्रांसफार्मर फुंकने की समस्या बनी रहेगी।
अभियंताओं ने बताया कि इसमें उपभोक्ताओं की खुद से लापरवाही है। खपत के सापेक्ष बिजली कनेक्शन लें तो उन्हें फाल्ट जैसी दिक्कतों का सामना न करने पड़े। बताया कि सर्दी-गर्मी के मौसम के दौरान बिजली की मांग में उतार-चढ़ाव आने लगता है। गर्मी के समय दोपहर में एक साथ ट्रांसफार्मर पर बिजली का भार बढ़ता है तो ट्रांसफार्मर फुंकने लगता है।
एसी और कूलर की बढ़ गई डिमांड
विजय चौक, रूंगटा एजेंसी के आनंद रूंगटा ने बताया कि गर्मी बढ़ते ही कूलर के ग्राहकों की संख्या बढ़ गई है। बाजार में 10 से 15 हजार रुपये में बेहतर कूलर उपलब्ध हैं। वहीं, इलेक्ट्रो वर्ल्ड के निदेशक राहुल सिंह ने बताया कि एसी की मांग अचानक से बढ़ गई है।
आंकड़ा
बिजलीघर खपत
खोराबार 60 मेगावाट
विश्वविद्यालय 45 मेगावाट
तारामंडल 26 मेगावाट
रूस्तमपुर 62 मेगावाट
लालडिग्गी 36 मेगावाट
गीडा 65 मेगावाट
नौसढ़ 30 मेगावाट
राप्तीनगर 35 मेगावाट
कोट
ट्रांसमिशन से बिजली घर (वितरण) में लगे पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता के अनुसार बिजली आपूर्ति आती है। उपभोक्ता अगर स्वीकृत भार के हिसाब से बिजली आपूर्ति की खपत करें तो परेशानी नहीं होगी। फिर भी अतिभरित क्षेत्रों में ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है। अधिक खपत वाले उपभोक्ता अपने भार को बढ़वा लें।
-आशु कालिया, मुख्य अभियंता