चुनाव में बसों की मांग ने बढ़ाई टेंशन
गोरखपुर में पोलिंग पार्टियों के लिए पहले से की गई है दो हजार बसों की मांग
अब सिद्धार्थनगर, बस्ती और संत कबीरनगर के साथ खजनी के लिए भी करना है इंतजाम
स्कूल पहुंचने के साथ ही निजी बस मालिकों को बुलावा भेज रहा आरटीओ
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। लोकसभा चुनाव में आखिरी फेज में एक जून को वोट डाले जाएंगे। इसके लिए एक दिन पहले यानि कि 31 मई को पोलिंग पार्टियां रवाना की जाएंगी। उन्हें ले जाने और लाने के लिए बसों के साथ गाड़ियों के इंतजाम का जिम्मा संभागीय परिवहन विभाग को सौंपा गया है। गोरखपुर और आसपास में पोलिंग पार्टियों के लिए मांगी गई दो हजार बसों का इंतजाम करने में अभी परिवहन विभाग को पसीने छूट रहे थे कि इस बीच 25 मई को होने वाले चुनाव के लिए भी बसों की मांग ने उनकी टेंशन बढ़ा दी है। जिम्मेदार परेशान हैं और बसों का इंतजाम करने में लग गए हैं।
बस्ती, संत कबीरनगर और सिद्धार्थनगर में 25 मई को वोट डाले जाएंगे, वहां की पोलिंग पार्टियां 24 मई को रवाना होंगी। मगर वहां बसों की व्यवस्था न हो पाने के कारण गोरखपुर संभागीय परिवहन विभाग से बसों की मांग की गई है। इसमें बस्ती और संत कबीरनगर में 50-50 बसों की मांग की गई है, जबकि सिद्धार्थनगर को 200 बसें चाहिए।
इसके साथ ही संत कबीरनगर की लोकसभा सीट के लिए खजनी के कुछ हिस्से में वोटर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हैं, ऐसे में वहां की पोलिंग पार्टियों के लिए भी 50 बसें मांगी गई हैं। इस तरह देखा जाए तो गोरखपुर के संभागीय परिवहन विभाग को छठवें चरण के लिए 350 बसों का इंतजाम करना है। साथ ही अपने सातवें चरण के लिए करीब 850 बसों के अलावा 1150 चार पहिया गाड़ियां भी भेजनी हैं।
बसों से पोलिंग पार्टियां, जबकि चार पहिया वाहनों से मजिस्ट्रेट और सुरक्षा बलों को भेजा जाना है। सभी बसों का इंतजाम करने में आरटीओ की पूरी टीम जुटी है। स्कूली बसों के लिए वह स्कूल पहुंचकर इंतजाम कर रहे हैं, जबकि निजी बस मालिकों को भी उन्होंने वाहन अधिग्रहण के लिए नोटिस जारी किया है।
कोट
पोलिंग पार्टियों को रवाना करने के लिए सातवें चरण के लिए 2000 वाहनों की मांग की गई है। इसमें करीब 850 बसें हैं। वहीं छठवें चरण के लिए भी बस्ती, संत कबीरनगर और सिद्धार्थनगर के लिए बसें भेजी जानी हैं। बसों का इंतजाम किया जा रहा है। समय रहते इसकी व्यवस्था कर ली जाएगी।
- संजय कुमार झा, आरटीओ प्रवर्तन