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Gorakhpur News: प्रेमचंद पार्क के सामने नाला बनी सड़क

Sun, 30 Jul 2023 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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दोपहर 12 बजे-बेतियाहाता
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प्रेमचंद पार्क के सामने नाला बनी सड़क


ट्रांसपोर्टनगर चौराहे से कचहरी की तरफ आने वाली सड़क पर मुंशी प्रेमचंद पार्क के पास एक फिट से अधिक पानी भरा था। बेतियाहाता में अंदर जाने वाली सड़क पर भी पानी बह रहा था। यहां नाले व सड़क का अंतर खत्म हो गया था। मोहल्ले में स्थित पार्क में भी पानी भरा था। मुख्य सड़क पर आने-जाने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इस इलाके में कई डॉक्टरों की ओपीडी है, जहां तक जाने में लोगों को दिक्कत हो रही थी। इसी मोहल्ले के रहने वाले दिनेश ने बताया कि नालियों की सफाई न होने व बड़े नाले में पानी भरा होने के चलते यह दिक्कत आ रही है। पिछली बारिश में भी पानी भरा रहने से काफी दिक्कतें हुई थीं। एक प्राइवेट नर्सिंग होम में इलाज कराने आईं बिंदा देवी ने बताया कि नाला दिखाई नहीं देने की वजह से वह गिरते-गिरते बचीं।



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दोपहर 12.30 बजे-नौसड़



राप्ती व आमी नदी की बाढ़ को देख चुके नौसड़ इलाके के लोग शनिवार की सुबह मोहल्ले में जलभराव देखकर अचरज में थे। गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग स्थित पेट्रोल पंप के सामने वाले मोहल्ले में पानी भरने से सुबह बाढ़ जैसे हालात नजर आ रहे थे। इस मोहल्ले के रहने वाले विजेंद्र, रामजस यादव, रमेश निषाद आदि ने कहा कि बाढ़ आने पर ही ऐसे हालात दिखते हैं, लेकिन शुक्रवार की रात से लेकर शनिवार की सुबह तक हुई बारिश के चलते उनके मोहल्ले में चारों तरफ पानी भर गया था। हालांकि सुबह बारिश रुकने के बाद दोपहर तक पानी कम होना शुरू हो गया था।
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दोपहर सवा एक बजे- जफर कॉलोनी



दूसरे मोहल्लों के पानी से परेशान हैं लोग



राप्ती नदी के बांध के किनारे बसे जफर कॉलोनी के लोगों के लिए बारिश खुशी कम, परेशानी ज्यादे लेकर आती है। इसकी वजह यह कि बारिश होते ही कई मोहल्लों का पानी जफर कॉलोनी से होकर नदी की तरफ बहता है। मोहल्ले की मुख्य सड़क को ऊंचा कर दिए जाने के बाद बारिश का पानी अब पतली नालियों में नहीं समाता। लिहाजा बारिश होते ही यहां भी सड़कें नाला बन जाती हैं। इस मोहल्ले में मोईन की किराने की दुकान के सामने वाली गली में पानी भरा हुआ है। दोपहर सवा एक बजे गली की सड़क पर भरे पानी में बच्चे खेल रहे थे। दुकान पर खड़े लोग बच्चों को ऐसा नहीं करने के लिए मना भी कर रहे थे, लेकिन बच्चे मस्ती के मूड में थे।







दोपहर पौने दो बजे- रसूलपुर भट्ठा



बारिश ने तो राहत दी, लेकिन कीचड़ से हालत खराब



रसूलपुर भट्ठा इलाके की मुख्य सड़क करीब एक साल पहले सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी गई थी। इंटरलाॅकिंग व आरसीसी सड़क को बीच में खोदे जाने के बाद अब उस पर मिट्टी डाल दी गई है। बारिश होते ही मिट्टी व कीचड़ की वजह से इस सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। गाड़ियों की आवाजाही से कीचड़ व फिसलन ऐसी हो गई कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया था।



नगर निगम दफ्तर भी जलभराव की चपेट में



शहरवासियों को जलभराव से बचाने की सबसे प्रमुख जिम्मेदारी नगर निगम की है। लेकिन निगम का दफ्तर ही जलभराव की चपेट में है। नगर निगम परिसर स्थित रानी लक्ष्मीबाई पार्क में पूरे दिन पानी भरा रहा। दोपहर करीब 2 बजे इस पार्क में बंदर उछलकूद कर रहे थे। इसके अलावा महेवा स्थित नगर निगम के स्टोर में भी पानी भर गया था। शाम तक भी पानी नहीं निकल सका था।











लोग बोले



हमारी कोई सुन नहीं रहा



गर्मी में बारिश होने से जब सभी खुश होते हैं तो हमारे मोहल्ले के लोग अपनी दुर्दशा से बचने का उपाय सोच रहे होते हैं। वजह यह कि कई मोहल्लों का पानी हमारे घरों के आगे से निकलता है। इसके चलते हमें एक दिन बाद तक बारिश का असर झेलना पड़ता है। कई बार अफसरों को अपनी पीड़ा बताई गई, लेकिन कोई सुनता ही नहीं।



- शहनवाज हुसैन, जफर कॉलोनी









तीन महीने होती है दुर्दशा



बारिश शुरू होते ही हमारे मोहल्ले की दुर्दशा शुरू हो जाती है। जलभराव हमारी स्थायी समस्या बन चुकी है। कई बार कहने के बाद नगर निगम के अफसरों ने कॉलोनी की मुख्य सड़क को इस तरह ऊंचा कर दिया कि अब पानी पूरे मोहल्ले में भरने लगा है। कई मोहल्लों का पानी पतली नालियों से निकल नहीं पाता। जुलाई से सितंबर तक यही हालत रहती है।



- अब्दुल कयूम, जफर कॉलोनी



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सबसे कीमती इलाके में हालत बदतर



शहर का बेतियाहाता मोहल्ला सबसे कीमती इलाकों में है। तमाम अस्पताल और डॉक्टर्स के अलावा कोचिंग सेंटर भी इसी इलाके में हैं। बारिश होने पर सबसे अधिक दिक्कतें भी हमें ही उठानी पड़ती हैं। शनिवार की सुबह मोहल्ले की सड़कों व नालियों में अंतर ही पता नहीं चल रहा था। इससे हमेशा हादसे का भय बना रहता है। अस्पताल आने वालों को भी दिक्कत होती है।
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दिनेश, बेतियाहाता









कभी धूल तो कभी बारिश से जूझना पड़ता है



हमें तो जूझने की आदत सी हो गई है। मोहद्दीपुर-नौसड़ मार्ग के चौड़ीकरण के चलते कई महीने से धूल फांक रहे हैं। बारिश हुई तो मोहल्ले में जलभराव हो गया। बारिश बंद हुई तो कई जगह कीचड़ से जूझना पड़ा। यह सब अब हमारी दिनचर्या बन चुकी है। समस्याओं के समाधान को लेकर नगर निगम की तरफ से कोई ठोस प्रयास हो तो बात बने।



- भृगुनाथ, महेवा


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