बेलीपार कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डाॅ. सतीश कुमार सिंह का कहना है कि इस समय बारिश से गन्ना, गेहूं, आलू, चना, सरसों, मटर, जौ, मूली आदि सभी रबी की फसलों के लिए लाभकारी रहेगा।
गोरखपुर में बुधवार सुबह तेज रिमझिम बारिश ने लोगों को ठंड का एहसास करवा दिया। वहीं मौसम का मिजाज मंगलवार को बदला रहा। सुबह बूंदाबांदी के बाद दिन चढ़ने पर धूप तो निकली लेकिन वह ज्यादा देर तक नहीं रही। आसमान में बादल छाने से पूरे दिन सूरज से आंख-मिचौली होती रही। उधर, बारिश होने से किसानों के चेहरे पर रौनक आ गई।
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मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि दक्षिणी गुजरात पर बने चक्रवाती परिसंचरण तथा पूर्वी तट पर बने प्रतिचक्रवात के प्रभाव बनने और बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर दोनों से आ रही नमीयुक्त हवाओं का समागम होने के परिणामस्वरूप मौसम में बदलाव आया है।
कहा कि यह बदलाव सोमवार देर रात से ही शुरू हो गया और मंगलवार सुबह शहर समेत ग्रामीण इलाकों में बूंदाबांदी तो कही पर हल्की बारिश हुई।
मौसम विभाग ने बुधवार को भी बादल छाने के साथ कुछ इलाकों में बारिश का आसार जताया है। बृहस्पतिवार से पुन: मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 26 व न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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बारिश से गेहूं, सरसों को मिलेगा लाभ
इस समय बारिश लगभग सभी फसलों के लिए फायदेमंद होगी। बेलीपार कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डाॅ. सतीश कुमार सिंह का कहना है कि इस समय बारिश से गन्ना, गेहूं, आलू, चना, सरसों, मटर, जौ, मूली आदि सभी रबी की फसलों के लिए लाभकारी रहेगा। सबसे ज्यादा बारिश से देरी से बुवाई करने वाली गेहूं की फसल को लाभ मिलेगा। उसके लिए अभी बारिश और सर्दी बहुत जरूरी है।