बस्ती। सरयू नदी लाल निशान के पार होकर बह रही है। दुबौलिया और विक्रमजोत ब्लॉक के तटवर्ती एक दर्जन गांवों की ओर नदी का रुख होने लगा है। इन गांवों के बाहर चौतरफा पानी फैल रहा है, जिससे तबाही का दौर शुरू हो गया है। सबसे खराब स्थिति तटबंध और नदी के बीच बसे सुविका बाबू गांव की हो गई है। यह चौतरफा पानी से घिर गया है। गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से खत्म हो गया है। जिंदगी नाव के सहारे हो गई है। बच्चे नाव पर बैठकर स्कूल आ जा रहे हैं।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार बुधवार की शाम सरयू खतरे के निशान 92.73 मीटर को पार कर चार सेंटीमीटर ऊपर से प्रवाहित होने लगी है। दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। राजस्व कर्मियों को नाव की व्यवस्था में लगा दिया गया है। अशोकपुर ग्राम पंचायत के सतहा, दस नंबर, छोटकी भुवरिया सहित कई पुरवों में नदी का पानी फैलने लगा है। बरदियालोहार ग्राम पंचायत के अखनपुर, भुवरिया, श्रीराम पुरवा तथा विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, टेढवा, पूरेमोतीराम, बानेपुर, रंजीत नगर, पाहीमाफी, टकटकवा, मोजपुर आदि गांव के सिवान की तरफ भी पानी फैल रहा है।
सुविका बाबू गांव का संपर्क मार्ग पानी में डूब गया है। यहां के बच्चे नाव से स्कूल आ जा रहे है। गांव के चारों तरफ की फसलें पानी मे डूबकर बबार्द हो रही है। यहां मवेशियों के चारे का संकट गहरा गया है। जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया है।
तटबंध पर बढ़ा दबाव
कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से लेकर खलवा गांव तक तटबंध पर नदी का दबाव बढ़ गया है। इसी तटबंध के ठोकर नंबर-एक पर भी पानी का तेज दबाव बना है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर टकटकवा से लेकर दलपतपुर गांव के सामने तक भी नदी दबाव बनाए हुए है।
तटबंध पर एसडीएम कर रहे कैंप
एसडीएम हर्रैया गुलाबचंद चंद्र लगातार तटबंध पर ही कैंप कर रहे है। उन्होंने बताया कि सुविका बाबू गांव में नाव की व्यवस्था की जा रही है। यदि जलस्तर में वृद्धि और हुई तो सुविका व टेढ़वा गांव के लिए प्राथमिक विद्यालय कटरिया व विशुनदासपुर के प्राथमिक विद्यालय को बाढ़ चौकी बनाया जाएगा। टेढवा प्राथमिक विद्यालय को बाढ़ राहत केंद्र बनाया जाएगा। पशु चारे की व्यवस्था सुविका बाबू गांव के लिए की जा रही है। इस गांव की लगातार निगरानी की जा रही है। ताकि बाढ़ से किसी तरह की हानि न होने पाए।
तटबंध विहीन गांवों में बढ़ा खतरा
विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से विक्रमजोत ब्लॉक के एक दर्जन तटबंध विहीन गांवों में खतरा बढ़ गया है। नदी का पानी कई गांवों से सटकर बहने लगा है। केशवपुर, रानीपुर, गौरिया नयन, बाघानाला के पास सरयू नदी का पानी लोलपुर- विक्रमजोत तटबंध से सटकर बह रहा है। यहां तटबंध पर नदी का दबाव बढ़ता जा रहा है। निचले इलाकों में पानी भरने लगा है। नदी का स्वरूप बढ़ता देख ग्रामीण सहमे हुए हैं। उन्हें बाढ़ आने के साथ कटान की भी चिंता सता रही है।
बैराजों से छोड़ा जा रहा पानी
बारिश के अलावा नदी में बैराजों से भी पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे जलस्तर उछाल मार रहा है। बुधवार की रिपोर्ट के अनुसार गिरिजा बैराज से 172973 क्यूसेक, शारदा बैराज से 138707, सरयू बैराज से 26483 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है, जिससे नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है।