शहर के आधे से अधिक मोहल्लों के नालियों के साथ ही बारिश के पानी को भी रामगढ़ताल तक ले जाने वाले गोड़धोइया नाले में पानी का बहाव रुक गया है। नालियों का पानी नाले में भर गया है। इससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि मानसून की झमाझम बारिश का पानी आएगा तो दिक्कत बढ़ जाएगी। बहाव नहीं हुआ तो यह पानी मेडिकल कॉलेज रोड के दोनों तरफ बसे मोहल्लों में फैल जाएगा।
मानसून की दस्तक से पहले निर्माणाधीन नाले से पानी निकालने के लिए डायवर्जन हटाए गए तो उसमें दो-तीन फीट ऊंचाई तक पानी ठहर गया है। पानी के लेवल से करीब एक या डेढ़ फीट ऊंचे नाले की दीवार दिख रही है। यदि पानी और बढ़ा तो परेशानी बढ़ सकती है। स्थानीय लोगों की चिंता है कि नाले से घरों का पानी नहीं निकल पा रहा है तो बारिश होने पर मुश्किलें और बढ़ सकती हैं, क्योंकि नाला ओवरफ्लो होगा तो आसपास की कॉलोनियों के घरों में पानी जाएगा।
बशारतपुर क्षेत्र में शनिवार को नाले के दोनों ओर खड़े लोग पानी के बहाव पर चिंता जता रहे थे। लोगों का कहना है कि पहले कच्चे नाले में इससे अधिक पानी निकलता था। कहीं तीन फीट तो कहीं पांच फीट ऊंचे नाले की दीवारों के बीच पानी भरा है, जबकि नाले की दीवार एक या डेढ़ फीट बची है, जहां पानी नहीं पहुंचा है। एक महिला ने नाले के लेवल पर भी सवाल उठाए।
अभी बशारतपुर से शक्तिनगर पुलिया तक निर्माणाधीन नाले से जलनिकासी की कोशिश की गई है। 9.7 किमी लंबे नाले में करीब तीन किमी निर्माण किया गया है। हालांकि, वहां भी पूरी ढलाई नहीं हुई है। इस कारण बशारतपुर, हरिसेवकपुर, धर्मपुर समेत अन्य क्षेत्रों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। बशारतपुर के फौजदार सिंह ने कहा कि बिना बारिश के ही नाला भर गया है, तो बारिश होने पर मुसीबत बढ़ जाएगी।
चंद्रजीत सिंह ने कहा कि नाले में पानी का बहाव बहुत धीमा है। बारिश होने पर क्या हाल होगा। हरिसेवकपुर के गिरिजेश पटेल ने कहा कि गोड़धोइया नाले में पानी बहने की गति बहुत धीमी है। झमाझम बारिश होगी तो मोहल्ले में जलभराव की बड़ी समस्या उत्पन्न होगी।
दावा : दो-तीन दिन में नाले में पानी के बहाव में आएगी तेजी
गोड़धोइया नाले की सफाई के साथ निर्माण कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। हरिसेवकपुर में नाला निर्माण की दीवार की ढलाई कार्य में मजदूर व्यस्त थे, जबकि नाले की सफाई में उतरी पोकलेन पुलिया के पास फंस गई थी। अधिकारियों के अनुसार, नाले में जहां बहाव बाधित हो रहा है, वहां सफाई कराई जा रही है। जहां पोकलेन मशीन नहीं पहुंच पा रही है, वहां नाव से सफाई कराई जा रही है।
मलबा गिराने के मामले में होगी कार्रवाई
गोड़धोइया नाला निर्माण के लिए तोड़े गए मकानों का मलबा नाले में गिराने से पानी का बहाव बाधित हो रहा है। जल निगम ने ऐसे स्थानों पर लांग बूम की पोकलेन लगाकर मलबा हटवाया, लेकिन सभी स्थानों पर सफाई नहीं हो पा रही है। अधिकारियों के अनुसार, अब नाले में मलबा गिराने के मामले में कार्रवाई की जाएगी।
गोड़धोइया नाले में जहां पानी का बहाव बाधित हो रहा है, वहां पोकलेन और नाव से सफाई कराई जा रही है। नाले में मलबा गिराने से पानी का बहाव बाधित हो रहा है। अब भी कुछ लोग मलबा गिरा रहे हैं। अब नाले में मलबा गिराने की शिकायत मिलते ही नगर निगम के माध्यम से कार्रवाई कराई जाएगी।
- रतन सेन सिंह, अधीक्षण अभियंता, जल निगम