- 25 का कोर्ट के आदेश के क्रम में और 30 गलत प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर निरस्त हुआ स्थानांतरण
- बेसिक शिक्षा विभाग में गैरजनपद स्थानांतरण में गड़बड़ी आई सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बेसिक शिक्षा विभाग में गैर जनपद स्थानांतरण पाने वाले 55 शिक्षक के कार्यमुक्त होने से पहले पकड़ में आ गए। इसलिए उनका स्थानांतरण निरस्त कर दिया गया है। इनमें 30 लोगों ने स्थानांतरण के लिए जो प्रमाण पत्र दिए थे, उनमें गड़बड़ी पाई गई है। वहीं, 25 शिक्षकों का कोर्ट के आदेश के बाद स्थानांतरण रद्द किया गया है। यह कार्रवाई सीडीओ की अध्यक्षता में गठित जांच टीम की रिपोर्ट पर हुई है। इससे शिक्षकों के मंसूबों पर पानी फिर गया।
बेसिक शिक्षा विभाग में जिले में लंबे समय से कार्यरत शिक्षक गैर जनपद स्थानांतरण के लिए लगे थे। इस वर्ष शासन ने गैर जनपद स्थानांतरण पर मुहर लगा दी। जनपद में कार्यरत शिक्षकों के सापेक्ष 10 प्रतिशत शिक्षकों को स्थानांतरण होना था। इनमें दिव्यांग और असाध्य बीमारियों से ग्रसित शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर स्थानांतरण होना था। इसमें बीमारी के हिसाब से भारांक नंबर दिए गए, जिसके आधार पर स्थानांतरण हुआ है। स्थानांतरण होने के बाद लगातार व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।
बढ़ती हुई शिकायत के बाद शासन निर्देश पर जांच समिति गठित कर दी गई। गठित कमेटी जांच कर रही थी कि रात में कोर्ट की ओर से आदेश दिया गया कि 69 हजार शिक्षक भर्ती के जो भी शिक्षक स्थानांतरण ले लिए हैं, उनका तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण रोक दी जाए। आदेश के क्रम में 25 ऐसे शिक्षक सामने आए जो 69 हजार भर्ती से जुड़े थे, उनका स्थानांतरण रोक दिया गया। इसके साथ ही असाध्य रोग का प्रमाण पत्र गलत मिलने, पात्र न होते हुए भी प्रमाण पत्र लगाकर स्थानांतरण लेने वाले 30 शिक्षक मिले हैं, जिनका स्थानांतरण निरस्त कर दिया गया।
कोट
- 55 शिक्षकों का स्थानांतरण निरस्त हो गया है। अब कार्यमुक्त नहीं किए जाएंगे। जिस विद्यालय पर शिक्षण कार्य कर रहे थे, पूर्व की तरह से वहीं शिक्षण कार्य करेंगे।
देवेंद्र कुमार पांडेय, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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आज खुलेंगे परिषदीय विद्यालय
सिद्धार्थनगर। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित होने वाले प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय सोमवार से खुलेंगे। विद्यालय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक चलेंगे। बेसिक शिक्षाधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के संचालन में लापरवाही करते हुए पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।