अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। कोरोनावायरस की वजह से हुए इस लॉकडाउन के दौरान बेरोजगारी की मार झेल रहे जिले के युवाओं विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना राहत दे सकती है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद छोटे तबके के कामगारों को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र की ओर से जल्द ही इसकी तैयारी शुरू की जाने वाली है। प्रदेश सरकार की ओर से बेरोजगार नौजवानों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के स्थानीय दस्तकारों तथा पारम्परिक कारीगरों के विकास के लिए इस योजना में पारम्परिक बढ़ई, दर्जी, लोहार, नाई,सुनार, हलवाई, मोची, राजमिस्त्री एवं हस्तशिल्पियों के आजीविका के साधनों का सुदृढीकरण एवं उनके जीवनबस्तर को उन्नत किये जाने मंशा से इस योजना को प्रदेश सरकार के द्वारा शुरू किया गया है। इन विधाओं का प्रशिक्षण लेकर बेरोजगारों को ना सिर्फ रोजगार दिया जा सकता है बल्कि उनका जीवन स्तर भी बेहतर बनाया जा सकता है। योजना में चयनित अभ्यर्थियों को एक सप्ताह का प्रशिक्षण देकर उनके व्यवसाय के दौरान प्रयोग में आने वाले उपकरण जैसे (हलवाई के लिए कढ़ाही, पल्टा, छनौटा) आदि जरूरी औजार देकर रोजगार करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा इन प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के लिए अधिक धन की जरूरत महसूस होने पर बैंकों से ऋण उपलब्ध कराने में विभाग की तरफ से अपेक्षित सहयोग भी किया जाएगा। ::: जिला उद्योग केंद्र जाकर ले सकते हैं जानकारी ट्रेडो हेतु आवेदन पत्र प्राप्त कर इच्छुक व्यक्ति जिनकी आय 18 वर्ष से ऊपर है वे कार्यालय, उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र, गोरखपुर से सम्पर्क कर उक्त योजना से मिलने वाले लाभ को उठाया जा सकता है। यह योजना सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत हरेक वर्ष एक निर्धारित संख्या में लोगों को विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण देकर संबंधित टूल्स किट दी जाती है। ताकि वे अपना स्वरोजगार कर सकें। इसके अलावा उन्हें जरूरत के मुताबिक बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने में विभाग की तरफ से भरपूर सहयोग किया जाएगा। इसके लिए लोगों से आवेदन भी मांगे गए हैं। आर के शर्मा उपायुक्त उद्योग