फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP Nikay Chunav: गोरखपुर शहर से जुड़े गांवों में प्रधानी के चुनाव जैसे बरसे वोट, सुविधाएं मिलने की जगी उम्मीद

Fri, 05 May 2023 01:10 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

नगर निगम में इन गांवों के शामिल होने के बाद यहां के लोगाें के लिए निकाय चुनाव में वोटिंग का यह पहला मौका था। ये सभी गांव अब नगर निगम में शामिल होने के बाद 10 वार्डों का हिस्सा बन गए हैं। पंचायतों से निकलकर शहर में शामिल होने के बाद यहां के लोगों में काफी खुशी है।
विज्ञापन
मतदान करने पहुंचे मतदाता। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर नगर निगम की सीमा में शामिल हुए 32 गांवाें में प्रधानी के चुनाव जैसे जमकर वोट बरसे हैं। वोटरों में खासा उत्साह दिखाई पड़ा। जहां पूरे शहर में सिर्फ 36.74 प्रतिशत मतदान हुआ, वहीं नगर निगम में जुड़े नए वार्डाें में 60 प्रतिशत वोटिंग हुई। सबसे ज्यादा मतदान गायघाट वार्ड में 60.67 फीसदी हुआ तो सबसे कम मतदान 42.89 फीसदी भरवलिया में हुआ।

विज्ञापन


नगर निगम में इन गांवों के शामिल होने के बाद यहां के लोगाें के लिए निकाय चुनाव में वोटिंग का यह पहला मौका था। ये सभी गांव अब नगर निगम में शामिल होने के बाद 10 वार्डों का हिस्सा बन गए हैं। पंचायतों से निकलकर शहर में शामिल होने के बाद यहां के लोगों में काफी खुशी है। निकाय चुनाव में उनका जोश, इसकी तस्दीक भी कर रहा है।

इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में मतदान के बाद खुली दुकान, गटक गए पांच करोड़ की शराब
विज्ञापन


मतदान के बाद लोगों ने कहा कि शहर से सटे होने के बाद भी कई सालों से उनका गांव उपेक्षित था। मूलभूत सुविधाओं के लिए भी उन्हें परेशान होना पड़ता था मगर अब शहर में शामिल हो जाने से उनके गांवों का भी विकास हो जाएगा। सड़क, बिजली, पानी की समस्या का निस्तारण तो हो ही जाएगा। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और परिवहन की सुविधाएं भी मिलने लगेंगी। इसी उम्मीद के साथ गांव के लोगों ने घर से बाहर निकलकर मतदान किया है।

विज्ञापन

कुछ इस तरह रहा इन नए वार्डाें में वोटिंग प्रतिशत

रानीडीहा-52.51
खोराबार- 55.64
बड़गो-48.28
गोपालपुर- 46.85
भरवलिया- 42.89
गायघाट- 60.67
देवीप्रसाद नगर- 54.18
संझाई- 57.62
गुलरिहा- 57.00
मोहनपुर- 43.61

इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में जिनके कंधों पर थी मतदान प्रतिशत बढ़ाने की जिम्मेदारी, उन्हीं ने की मनमानी

लोगों ने क्या कहा
हमारी ग्राम पंचायत अब नगर निगम में शामिल हो गई है। पूरी उम्मीद है कि यहां के लोगों का जीवन शहरीय हो जाएगा। पानी, बिजली, नाला, नाली आदि बहुत सी सुविधाएं बेहतर हो जाएंगी, लेकिन यह तभी संभव है जब जिम्मेदारों की मानसिकता में बदलाव होगा। -श्यामजी शर्मा, खोराबार।

ग्रामसभा से अब नगर निगम वार्ड बन गया हैं। ऐसे में अब हम लोगों का सफर देहात से शहर तक पहुंच गया है। अब पूरी उम्मीद है कि जल्द नगर निगम की सभी सुविधाएं मिले। लेकिन लोग तो वहीं हैं जो गांव के बदले में अपना विकास किए तो भला ऐसे में क्या उम्मीद रखी जाएं। -त्रिवेणी शर्मा, रानीडीहा।

पहले हम अपने आपको गांव का मानते थे। नगर निगम में शामिल होने के बाद अब खुद को शहरी मानने लगे हैं। गांव से शहर का यह विकास तभी बेहतर ढंग से धरातल पर उतर सकेगा जब नियोजन के साथ योजनाओं का बेहतर ढंग से क्रियान्वयन हो। -रामप्रकाश त्रिपाठी, खोराबार।

नगर निगम क्षेत्र का निवासी बनने की काफी खुशी है। पहले ग्राम पंचायत का हिस्सा होने की वजह से मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ता था, लेकिन अब उम्मीद है कि जिस तरह से नगर निगम के विभिन्न वार्डों में विकास होता है, अब हमारे भी इलाके में होगा। - आलोक कुमार प्रजापति, हरसेवकपुर।

हमलोग सड़क-नाली के लिए काफी तरसे हैं। उम्मीद है कि अब इन सब चीजों के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क, नाली जैसी मूलभूत समस्याओं के लिए तरसना नहीं पड़ेगा। सबसे खुशी की बात यह है कि अब हम अपने आपको शहर का बता सकेंगे।-जगदीश कुमार गौड़, हरसेवकपुर नंबर दो।



पहली बार नगर निगम के पार्षद के लिए वोट डाला है। काफी खुशी है। लगता है कि अब हम शहरी हो गए हैं। इससे बड़ी बात यह है कि हमें भी नगर निगम के द्वारा बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगे। साथ ही चुना हुआ पार्षद लोगों की जरूरतों का ख्याल करे और उनकी समस्याएं दूर करे। वृद्धा पेंशन दिलवाने में भी मदद करे। -रामादेवी, मोहनपुर।

पहले हम ग्रामीण थे। बृहस्पतिवार को नगर निगम चुनाव में वोट डालकर शहरी हो गए हैं। काफी खुशी भी है। उम्मीद है कि अब क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से होगा। गलियाें का अंधेरा दूर होगा। सड़कें और नालियां भी जाएगी। -बसंत, संझाई।

अब हम नगर निगम क्षेत्र के निवासी हैं। बृहस्पतिवार को पहली बार नगर निगम के लिए वोट डाले। उम्मीदें भी काफी ज्यादा है। जब ग्राम पंचायत का हिस्सा थे तो समस्याएं दूर होने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था। अब जल्दी समस्याएं दूर होंगी। -अरुण, संझाई।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें