गोरखपुर। नर्सिंगहोम में साझेदारी फिर फर्जी दुष्कर्म का केस दर्ज कराकर रंगदारी वसूलने वाले गिरोह के सरगना विकास सिन्हा की एम्स इलाके की जमीन जब्त कर ली गई है। जमीन की सरकारी कीमत 40 लाख रुपये है, जबकि वर्तमान में यह एक करोड़ रुपये की बताई जा रही है। अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति पर प्लाटिंग करके बेचने के नाम पर विकास सिन्हा फिर से जालसाजी करने की तैयारी में था। लेकिन, उसके जेल में रहने के दौरान ही पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट का केस दर्ज कर प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में संपत्ति जब्त कर दी।
विकास कुमार सिन्हा पादरी बाजार स्थित एक नर्सिंगहोम में प्रबंधक था। इसी के जरिये वह दवा के कारोबार में भी घुस गया। इस दौरान उसकी जान-पहचान कई व्यापारियों से हो गई। उसने व्यापारी संजय अग्रवाल से छह लाख रुपये व एक एसी, प्रवीन प्रकाश से आठ लाख रुपये व एसी, अमित सिंह से पांच लाख रुपये, अमृत से 22 लाख रुपये, संजीव पांडेय से छह लाख, आलोक श्रीवास्तव से छह लाख, इम्तियाज से दस लाख रुपये की ठगी की।
पुलिस के मुताबिक उसने कई अन्य लोगों को हॉस्पिटल में शेयर देने का वादा किया। सरगना विकास, प्रबंधक से होटल मालिक बनना चाहता था, इसके लिए उसने ठगी का जाल बिछाया। करीब एक करोड़ से अधिक की ठगी करने के बाद उसने एक अस्पताल भी खोला, लेकिन वह संचालित नहीं हो सका। 24 अप्रैल को विकास सिन्हा, उसकी पत्नी और उसके गिरोह में शामिल महिलाओं समेत पांच लोगों पर गैंगस्टर का केस दर्ज किया गया था।
प्रशासनिक अफसर की मौजूदगी में एसओ कैंपियरगंज अनूप सिंह ने एम्स इलाके के मठिया बुजुर्ग की जमीन पर सरकारी बोर्ड लगा दिया। 1194 वर्ग फीट जमीन की सरकारी कीमत 40 लाख रुपये आंकी गई है।