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प्रतिबंधित गेमिंग एप से ठगी: गोरखपुर से ऑनलाइन सट्टेबाजी के नाम पर करते थे धोखाधड़ी- 29 गिरफ्तार

Mon, 20 Jan 2025 10:47 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो

सार

एफआईयू को बीते दिनों मऊ का एक खाता संदिग्ध मिला था, जिसके बाद उसने पुलिस को उसकी जानकारी भेजी। मऊ पुलिस ने संदिग्ध खाताधारक का पता लगाकर उससे पूछताछ की तो हैरान करने वाली बातें सामने आई। खाता धारक ने बताया कि उसने 17 हजार रुपये में गोरखपुर के एक युवक को खाता बेचा था।
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जैमिनी अपार्टमेंट में पुलिस ने छापा मारकर गिरोह पकड़ा - फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
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विस्तार
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 मऊ क्राइम ब्रांच और गुलरिहा पुलिस की टीम ने रविवार दोपहर मोगलहा स्थित जेमिनी पैराडाइज में छापा मार कर ऑनलाइन सट्टेबाजी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के 29 गुर्गों को दबोच लिया। पकड़े गए युवक बिहार और छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। ये जेमिनी पैराडाइज के चार फ्लैट से अपना धंधा चला रहे थे।

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पुलिस ने उन फ्लैट से दस लैपटॉप, 50 से ज्यादा स्मार्टफोन और करीब 150 विभिन्न कंपनियों के सिमकार्ड बरामद किए हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर उनके सरगना का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

एफआईयू के अलर्ट पर पड़ा छापा
केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाली फाइनेंस इंटेलिजेंस यूनिट (एफआईयू) देश भर के बैंक खातों की निगरानी करती है। किसी का खाता संदिग्ध मिलने पर उस जिले की पुलिस को अलर्ट करती है। एफआईयू को बीते दिनों मऊ का एक खाता संदिग्ध मिला था, जिसके बाद उसने पुलिस को उसकी जानकारी भेजी।
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मऊ पुलिस ने संदिग्ध खाताधारक का पता लगाकर उससे पूछताछ की तो हैरान करने वाली बातें सामने आई। खाता धारक ने बताया कि उसने 17 हजार रुपये में गोरखपुर के एक युवक को खाता बेचा था।

इसके बाद मऊ क्राइम ब्रांच के दो सदस्य उस जालसाज को ढूंढते हुए रविवार दोपहर गोरखपुर पहुंचे और गुलरिहा पुलिस की मदद से जेमिनी अपार्टमेंट में छापा मारा और चार फ्लैट से 29 लोगों को दबोचा। उन फ्लैट में सभी लग्जरी और आलीशान लाइफस्टाइल के सामान मौजूद थे।

और महंगे लैपटॉप, मोबाइल पर सट्टेबाजी और गेमिंग के रुपये का लेन-देन किया जा रहा था। पुलिस सभी को पकड़कर गुलरिहा थाने ले गई। मऊ की क्राइम ब्रांच की एक टीम इनसे पूछताछ के लिए गोरखपुर आ रही है। जरूरत पड़ने पर मऊ की टीम उन्हें साथ भी ले जा सकती है।

छह महीने पहले किराए पर लिए थे चार फ्लैट
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने छह महीने पहले जेमिनी पैराडाइज में चार फ्लैट किराये पर लिए थे। इस फ्लैट से ही सब प्रतिबंधित गेमिंग एप की फ्रेंचाइजी लेकर सट्टेबाजी कर रहे थे। इन्हीं एप के जरिए लोग जब किसी गेम पर सट्टा लगाते हैं तो उनके साथ जालसाजी करके उनके रुपए हड़प लेते थे।

15 से 20 हजार रुपये की सैलरी पर रखा था युवाओं को
पुलिस की जांच में पता चला कि कक्षा आठ एवं मैट्रिक पास युवकों को जालसाजों ने 15 से 20 हजार रुपए की सैलरी पर रखा था। फिलहाल गिरोह के सरगना, फ्रेंचाइज लेकर फर्जीवाड़ा कर रहे आरोपियों के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है।

मऊ क्राइम ब्रांच के साथ गुलरिहा पुलिस ने छापा मारकर ऑनलाइन सट्टेबाजी के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में संदिग्ध लोगों को पकड़ा गया हैं। सभी से पूछताछ चल रही है। जल्द ही सारे फर्जीवाड़े का खुलासा कर दिया जाएगा: अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
 

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