मृतका के पति मोनायन हुसैन ने कहा कि पत्नी की मौत डाॅक्टर की लापरवाही से हुई है। मौत के बाद भी जिंदा बताकर रुपये लेते रहे हैं। आईसीयू में अंदर जाने नहीं दे रहे हैं। पत्नी की मौत सुबह 11 बजे ही हो गई थी, लेकिन शाम 6 बजे मौत की जानकारी दी गई। मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए बोला गया तो अस्पताल के डाॅक्टरों ने डिस्चार्ज नहीं किया। 24 घंटे के अंदर 55 हजार रुपये ले लिए।
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हेरिटेज अस्पताल डाॅ. जीएम जैदी ने कहा कि मरीज को गैसपिंग की बीमारी थी। भर्ती कराते समय मरीज की हालत गंभीर थी। डॉक्टर व अस्पताल की इसमें किसी प्रकार की गलती नहीं है।