- कैंपियरगंज तहसील में लिपिक व अधिवक्ता के बीच मारपीट का मामला गहराया
- कार्यालय में तालाबंदी कर जताया विरोध, आगे भी कामकाज ठप करने की घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
कैंपियरगंज (गोरखपुर)। तहसील में मंगलवार को फौजदारी लिपिक और अधिवक्ता के बीच मारपीट के मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। बुधवार को पुलिस ने संतोष कुमार सिंह, जैनुल आब्दीन व 10 से बाहर अज्ञात पर मारपीट, सरकारी काम में बाधा, धमकी देने व एससीएसटी सहित कई धाराओं में केस दर्ज कर किया है।
उधर, पुलिस की कार्रवाई से नाराज अधिवक्ता बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे और कार्यालय में तालाबंदी कर विरोध जताए। आगे भी कामकाज ठप करने की घोषणा की गई है।
जानकारी के मुताबिक, फौजदारी लिपिक राधेश्याम ने केस दर्ज कराया है। उन्होंने तहरीर में लिखा है कि अपने कार्यालय में काम कर रहे थे। इसी दौरान कुछ अधिवक्ता आए और कामकाज में अवरोध डालते हुए मारपीट किए। जाते समय उन्होंने जान से मारने की धमकी भी दी।
मंगलवार को विवाद होने के बाद दोनों पक्ष थाने पर पहुंचे थे और एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए तहरीर दी। पुलिस ने लिपिक की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया। इसकी जानकारी होते ही हंगामा हो गया। अधिवक्ता विरोध में आ गए और न्यायिक कार्य को ठप करते हुए विरोध-प्रदर्शन करने लगे।
तहसील बार के मंत्री कमलेश कुमार ने फौजदारी लिपिक राधेश्याम व राजस्वकर्मी मुकेश श्रीवास्तव, गौरव मिश्र, अजय वर्मा व अर्दली मिथिलेश यादव के विरुद्ध मारपीट करने जातिसूचक शब्द का प्रयोग करने की तहरीर पुलिस को दी है। उधर, इसे लेकर अधिवक्ताओं ने बैठक की।
इसमें उपजिलाधिकारी न्यायिक के फौजदारी लिपिक द्वारा अधिवक्ताओं के साथ की गई अभद्रता, समुदाय के प्रति की गई अमर्यादित टिप्पणी एवं हाथापाई की घटना के विरोध में जिले के अधिवक्ताओं ने आक्रोश व्यक्त किया है। जिला अधिवक्ता एसोसिएशन की साधारण सभा ने बैठक कर बुधवार को न्यायिक कार्य नहीं करने का निर्णय लिया।
बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्ण कुमार त्रिपाठी एवं संचालन मंत्री योगेंद्र मिश्र ने किया। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने 23, 25 व 28 नवंबर को न्यायिक कार्य नहीं करने का निर्णय लिया है।