महराजगंज जिला पंचायत चुनाव में इस बार भाजपा, सपा, कांग्रेस एवं बसपा समर्थित प्रत्याशियों ने कुछ खास करिश्मा नहीं दिखाया। हालत यह है कि चुनाव के दौरान 47 सीटो पर जीत का दावा करने वाली पार्टियों का प्रदर्शन बेहद खराब है। महराजगंज की जिला पंचायत सीट पर हर बार भाजपा का ही कब्जा रहा है। इस बार निर्दल सदस्यों की संख्या बढ़ने से समस्या हो सकती है।
25 जिला पंचायत सदस्य निर्दल चुने गए हैं। इस बार अध्यक्ष पद पर चुनाव में इनकी भूमिका काफी अहम होगी। इसे देखते हुए राजनीतिक जानकारी अपना गुणागणित अभी से सेट करने में लगे हैं। प्रमुख दलो को जरा भी इस बात का भान नहीं था कि ऐसा हो सकता है। जनता की अदालत में ऐसा जनादेश आया जिससे राजनीतिक विश्लेषक दंग रह गए। खास बात बात यह है कि इस बार के चुनाव में निर्दल प्रत्याशी जनता का भरोसा जितने में ज्यादा कामयाब रहे हैं।
सपा जिलाध्यक्ष आमिर हुसैन ने बताया कि त्रिस्तरिय पंचायत चुनाव का जनादेश बहुत कुछ बयां कर गया। इसे समझने की जरूरत है। जनता अब सत्ताधारी दल की कथनी करनी जान चुकी है। यही वजह रहा कि ज्यादातर जगहो भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को करारी हार मिली है।
भाजपा जिलाध्यक्ष परदेशी रविदास ने बताया कि जनादेश का सम्मान है। पार्टी के समर्थित प्रत्याशी मजबुती के साथ लड़े। जनता विरोधी दलो के बहकावें में नहीं आने वाली है।