कुशीनगर में चार मई मंगलवार की दोपहर तक जिला पंचायत सदस्य पद की तस्वीर साफ हो गई। कुल 61 में से 12 सीटें सपा के खाते में गईं, जबकि केवल छह सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार जीत हैं। इसके अलावा बसपा के चार, कांग्रेस के दो व अन्य छोटे दलों से भी चार उम्मीदवार जीतने में सफल रहे हैं। सर्वाधिक 32 निर्दलीयों ने इस चुनाव में जीत हासिल कर अध्यक्ष पद के लिए अपनी भूमिका को महत्वपूर्ण बना दिया है।
वैसे तो पंचायत चुनाव में राजनैतिक दलों के सिंबल का प्रयोग नहीं होता है लेकिन इस बार दलों ने चुनाव लड़ने में बहुत रुचि दिखाई थी। भाजपा ने तो वार्डवार बैठकें कराई थीं। वहीं सपा ने सभी वार्ड के लिए प्रभारी नामित किया था। कांग्रेस व सपा ने भी टिकट आवंटन से लेकर प्रचार तक की रणनीति बनाई और प्रयास भी किया। लेकिन मतगणना के नतीजे इन दलों के लिए चौंकाने वाले रहे।
भाजपा ने जिला पंचायत की सभी 61 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे लेकिन केवल छह लोग ही जीत पाए हैं। इसके अलावा भाजपा व हियुवा के एक-एक बागी भी चुनाव जीतने में सफल रहे हैं। परंतु इनकी जीत भी पार्टी से अधिक व्यक्तिगत प्रभाव वाली रही हैं।
इस मामले में सपा की स्थिति थोड़ी बेहतर है, क्यांकि पार्टी ने कुल 50 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिसमें से 12 चुनाव जीतने में सफल रहे हैं। इसके अलावा दो विजेता ऐसे हैं जिन्हें सपा का खेमा अपना ही मान रहा है। बसपा ने भी 40 से अधिक सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिसमें से पांच उम्मीदवार जीत दर्ज करने में सफल रहे हैं।
इसके अलावा कांग्रेस के केवल दो ही उम्मीदवार जीते हैं जबकि इस पार्टी ने भी चार दर्जन से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। इस बार का चुनाव परिणाम भाजपा के लिहाज से इसलिए भी निराशाजनक है कि पार्टी ने वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव में जिला पंचायत की 10 सीटों पर जीत हासिल किया था।