मुकदमों की मॉनीटरिंग व प्रभावी पैरवी के दम पर गोरखपुर पुलिस, आजीवन कारावास की सजा दिलाने में प्रदेश के बड़े जिलों लखनऊ, मेरठ, प्रयागराज, वाराणसी से भी आगे निकल गई है। एक जनवरी 2022 से 31 अक्तूबर 2022 तक 45 मुकदमों में 111 लोगों को आजीवन कारावास की सजा हुई है।
मॉनीटरिंग सेल के बेहतर काम को देखते हुए शुक्रवार को एनेक्सी भवन में अभियोजनवीर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान उन पुलिसकर्मी, अधिवक्ताओं को सम्मानित किया गया, जिनकी दोषियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
समारोह में एडीजी अखिल कुमार, कमिश्नर रवि कुमार एनजी, डीआईजी जे. रविंद्र गौड़, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर की मौजूदगी में सभी को सम्मानित किया गया। एसएसपी डॉ. गौरव ने स्वागत करते हुए कहा कि 2018 में मॉनीटरिंग सेल को एक्टिव किया गया था। इसके बाद से ही सेल ने काम शुरू किया। पहले साल आठ लोगों को सजा दिलाई गई, फिर कोरोना काल में 14 और अब 111 लोगों को आजीवन कारावास की सजा दिलाने में सफलता मिली है।
संचालन कर रहे एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मॉनीटरिंग सेल को पूरी तरह से एक्टिव करने में एडीजी अखिल कुमार, डीआईजी जे. रविंद्र की भूमिका अहम है। डीआईजी तो खुद ही केस को खोजकर यह तक पूछ लेते हैं कि किस जिले में गवाह है, बताओ, मैं खुद कर लेता हूं। सभी के संयुक्त प्रयास की देन है कि आज गोरखपुर अन्य जिलों से आगे निकला है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी नार्थ मनोज अवस्थी, एसपी जेल ओपी कटियार, सीओ गोरखनाथ रत्नेश सिंह, सीओ कैंट श्यामदेव विंद आदि उपस्थित रहे।
इनको किया गया सम्मानित
आरक्षी पैरोकार झंगहा अभिषेक कुमार, सहजनवां संतोष कुमार पासवान, बेलीपार राहुल कुमार वर्मा, कैंपियरगंज भरत मित्र भागी, पिपराइच आशीष कुमार पांडेय, गगहा मनीष कुमार यादव, कैंट अकील खान, शाहपुर अखिलेश कुमार कुशवाहा, डीजे कोर्ट धीरेंद्र सिंह यादव, पॉक्सो कोर्ट संख्या चार सुनील कुमार सिंह, पॉक्सो कोर्ट नंबर एक राजकुमार, गैंगस्टर कोर्ट पुनीता मौर्या, मॉनीटरिंग सेल चंद्रिका प्रसाद जैशल, उप निरीक्षक मॉनीटरिंग सेल रामलौट सिंह, अर्चना शर्मा, सुरेंद्र कुमार यादव, पंकज कुमार पांडेय, लक्ष्मी सिंह, संजय सिंह, एसपीओ राम ध्यान राम, डीजीसी फौजदारी यशपाल सिंह, एडीजीसी फौजदारी राम मिलन सिंह, एडीजीसी परमानंद राम त्रिपाठी, राघवेंद्र राम त्रिपाठी को सम्मानित किया गया।
गोरखपुर में हुई सजा का विवरण
- आजीवन कारावास- 111
- 20 वर्ष से अधिक की सजा-1
- दस वर्ष की सजा- 48
- सात वर्ष की सजा-44
- सात वर्ष से कम की सजा-155
अन्य जिलों में आजीवन कारावास की स्थिति
- मेरठ 19
- प्रयागराज में 28
- गाजियाबाद में19
- वाराणसी में 27
- लखनऊ में 24
- आगरा में 26
- कानपुर में 27