प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर स्नान के दौरान बुधवार सुबह मची भगदड़ में जिले के भी तीन लोगों की मौत हो गई है। इनमें एक महिला समेत दो उनवल के दो और एक झंगहा के बकसूडी गांव के रहने वाले थे। जानकारी के अनुसार, उनवल के वार्ड नंबर चार के रहने वाले आठ लोग (तीन पुरुष, पांच महिलाएं) मौनी अमावस्या पर संगम स्नान के लिए वाहन बुक कर 27 जनवरी को ही प्रयागराज चले गए थे।
साथ में गए गजराज साहनी ने बताया कि मंगलवार देर रात कुंभ क्षेत्र में भगदड़ की सूचना मिली थी। इसलिए हमलोग सेक्टर नंबर 18 पर नहाने चले गए। वहां से नहाकर निकल रहे थे। इसी दौरान नागा साधुओं का का काफिला आ गया। इस कारण सभी को रोक दिया गया। इससे भीड़ लग गई।
आधे घंटे बाद साधुओं का काफिला निकल गया तो भीड़ को छोड़ दिया गया। एक साथ भीड़ छोड़ने के कारण भगदड़ मच गई और कल्पवृक्ष द्वार के पास नगीना देवी (61) और पन्ने निषाद (58) उसकी चपेट में आने से मौत हो गई। पन्ने के साथ गईं उनकी पत्नी कुसुम सुरक्षित हैं।
चीख पुकार शांत होने के बाद सुबह करीब नौ बजे उन्होंने दोनों के परिवार वालों को घटना की सूचना दी। पुलिस-प्रशासन ने दोनों का शव कब्जे में ले लिया है।उधर, दोनों की मौत की सूचना पर परिवार में चीख पुकार मच गई। घर के लोग शव लाने प्रयागराज निकल गए। साथ गए अन्य लोगों के परिजन उनकी सलामती के बारे में पता करने लगे।
नगीना देवी पत्नी स्व. मोती लाल के चार लड़के संतोष (47), धर्मेंद्र (44), सिकंदर (38) और जितेन्द्र (32) हैं। सभी का विवाह हो चुका है, इसमे संतोष और सिकंदर घर पर हैं, जबकि धर्मेंद्र और जितेंद्र मुंबई में हैं। इसी तरह पन्ने के दो लड़के शैलेश (35), कमलेश (24) और चार बेटियां फूलमती, शिखा, पूजा और सुधा हैं।
एक बेटे शैलेश और चारों बेटियों की शादी हो चुकी है।उधर, झंगहा के बकसूडी गांव निवासी प्रभुनाथ गुप्ता (58) पत्नी उषा देवी के साथ 27 जनवरी को कुंभ स्नान करने प्रयागराज गए थे। उषा देवी ने बताया कि बगल के गांव सुगहा से एक बस बुक हुई थी। इसमें कई गांव के लोग एक साथ कुंभ स्नान करने जा रहे थे।
हमलोग भी शामिल हो गए।मंगलवार देर रात हमलोग एक साथ स्नान करने जा रहे थे, तभी अचानक भगदड़ शुरू हुई और सभी अलग-थलग हो गए। थोड़ी देर बाद पता चला कि मेरे पति प्रभुनाथ का भी शव मिला है। मैंने जाकर उनकी पहचान की।