एक अल्ट्रासाउंड सेंटर बिना डॉक्टर के और दूसरा बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा था
पीपीगंज में चल रहे अस्पताल का निरस्त हो चुका है रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
कैंपियरगंज (गोरखपुर)। शहर में अवैध अस्पतालों का मामला सामने आने के बाद सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंपियरगंज में दो अल्ट्रासाउंड सेंटर और पीपीगंज में एक अस्पताल की जांच की। अल्ट्रासाउंड सेंटरों को सील कर दिया गया। वहीं, पीपीगंज में बिना मान्यता के संचालित अस्पताल को चेतावनी दी गई।
सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम कैंपियरगंज पहुंची। टीम को सूचना मिली थी कि कुछ सेंटरों में बिना डॉक्टर के ही अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं। कैंपियरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रोड स्थित आशीर्वाद अल्ट्रासाउंड सेंटर पर बिना योग्य डॉक्टर के ही मरीजों की जांच की जा रही थी। इस सेंटर को सील कर दिया गया। इसके बाद एक और सेंटर की जांच हुई, वहां के संचालक कोई कागज नहीं दिखा पाए। सेंटर पर कोई बोर्ड तक नहीं लगा था। इसे भी सील कर दिया गया। अवैध रूप से संचालित इन दोनों अल्ट्रासाउंड सेंटरों के संचालकों के खिलाफ केस भी दर्ज कराया जाएगा। दोनों सेंटरों में मौजूद उपकरणों को जब्त कर लिया गया है। इस रोड पर संचालित दो निजी अस्पतालों को व्यवस्था में सुधार की चेतावनी भी दी गई।
इस टीम ने पीपीगंज में एक अस्पताल की जांच की। उस अस्पताल का पंजीकरण नहीं है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि पंजीकरण के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन कुछ कागजी कमी के चलते आवेदन निरस्त हो गया है। इस अस्पताल संचालक को कार्रवाई की चेतावनी देते हुए एक सप्ताह में अपना पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया।
सीएमओ आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि कहीं भी अवैध अस्पताल, अल्ट्रासाउंड सेंटर व पैथोलॉजी संचालित हो रही होगी, तो उनकी जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
शहर में चल रहे अवैध अस्पतालों पर भी होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग शहर में चल रहे कुछ और अस्पतालों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। चर्चा है कि एक से दो दिन में इन अस्पतालों पर भी छापा मारा जा सकता है। मामला शहर का होने के चलते इन अस्पतालों से संबंधित कागजातों की पड़ताल की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि इन अस्पतालों के बारे में शुक्रवार की रात पकड़े ईशू अस्पताल के आरोपियों से ही जानकारी मिली है। इसमें से एक अस्पताल पर तो रविवार को टीम ने छापा भी मारा था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही अस्पताल में ताला बंदकर संचालक व कर्मचारी फरार हो गए थे। सोमवार को कार्रवाई के भय से दिन भर कई निजी अस्पताल संचालक अफसरों के बारे में जानकारी जुटाते रहे।