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Gorakhpur News: जेल में बंद दो चोरनी मिलीं एचआईवी संक्रमित

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ट्रेनों में चोरी करने के आरोप में शुक्रवार को पकड़ी गईं मुजफ्फरपुर (बिहार) की दो चोरनियां एचआईवी पॉजिटिव मिली हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोनों को अलग बैरक में रखा गया है। उन्हीं दोनों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने सोमवार को तीन और चोरों को पकड़ने में कामयाबी पाई थी। मंगलवार को पता चला कि उनमें दो चोर पकड़ी गई चोरनियों के पति हैं। अब जेल प्रशासन उन दोनों की भी एचआईवी जांच कराने की तैयारी में है।
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जानकारी के अनुसार, जीआरपी ने शुक्रवार को ट्रेन में चोरी करने वाली बिहार के मुजफ्फरपुर के सरईया थानाक्षेत्र की शोभा पत्नी अमेले और निभा उर्फ निहाल पत्नी राहुल को चोरी के मोबाइल के साथ पकड़ कर जेल भेजवाया था। उनसे पूछताछ के आधार पर जीआरपी ने सोमवार को सरईया थाना क्षेत्र के ही तीन शातिर चोरों राहुल मांझी, सुरेश मांझी व रोहतास जिले के अकोढ़ी गोला थानाक्षेत्र में रहने वाले अमेले खरवार को पकड़कर जेल भेजवाया। जीआरपी प्रभारी ने बताया कि निभा उर्फ निहाल ने अपने पति का नाम खिलाड़ी और शोभा ने संजय बताया था। वहीं जब चोरों से पूछताछ की गई तब पता चला कि दोनाें ने झूठ बोला था। शोभा अमेले की पत्नी है, जबकि निभा राहुल की। शोभा राहुल की बहन है और निभा अमेले की। दोनों ने एक-दूसरे की बहन से शादी की है।

हिस्ट्रीशीटर की जांच के चक्कर में चोरनियों के भी संक्रमण का पता चला
कुसम्ही में लूटपाट करने वाले एम्स इलाके के रजही निवासी आरोपी दयाशंकर उर्फ देवेंद्र निषाद उर्फ डायना और अभिषेक राजभर को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेजा था। शाम को जेल में डायना के प्रवेश करते ही अंदर तैनात रीडर ने उसे पहचान लिया। रीडर ने बताया कि वर्ष 2016 में डायना जेल आया था, तब वह एचआईवी संक्रमित मिला था। ये सुनते ही जेल प्रशासन ने डायना के साथ ही उस दिन जेल लाई गई दोनों चोरनियों की भी एचआईवी जांच कराई, जिसमें डायना के साथ ही ये दोनों चोरनियां भी संक्रमित पाई गईं।
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जेल में अब 36 एचआईवी पॉजिटिव
जेल प्रशासन की मानें तो तीन पॉजिटिव मिलने के बाद एचआईवी पॉजिटिव बंदियों की संख्या 36 हो गई है। समय से दवा के साथ ही उन्हें पौष्टिक आहार भी दिया जाता है।
जेल में मिले एचआईवी पॉजिटिव को अलग बैरक में रखा गया है। उनसे संबंधित अन्य बंदियों की भी स्वास्थ्य जांच कराई जा रही है। हर महीने एचआईवी पॉजिटिव बंदियों की जांच के लिए डॉक्टर जेल में आते हैं। जेल के अंदर उनपर निगरानी रखी जाती है।
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-दिलीप कुमार पांडेय,
जेल अधीक्षक
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