गीता प्रेस से प्रकाशित श्री दुर्गा सप्तशती पुस्तक
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गीता प्रेस में पुस्तकों के प्रकाशन में रफ्तार लाने के लिए विदेश से नई मशीन बुधवार तक गीता प्रेस में आ सकती है। इसकी लागत एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह प्लेट बहुत ही तेजी से बनाएगी। जिससे धार्मिक पुस्तकों के प्रकाशन की रफ्तार बढ़ेगी। ज्यादा से ज्यादा लोगों तक गीता प्रेस की पुस्तकें पहुंचेंगी।
दूसरी छपाई की मशीन भी विदेश से ही आ रही है जो इस सप्ताह के अंत व दिवाली से पहले आ सकती है। इसके साथ ही तीसरी मशीन जो सिलाई की आधुनिक मशीन है, वह जनवरी 2025 में गीता प्रेस में आ सकती है। इसकी कीमत लगभग तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है।
वर्तमान में कुछ मशीनें जो गीता प्रेस के पास हैं वह काफी पुरानी हैं। इसके पार्ट्स बहुत ही मुश्किल से मिलते हैं। अगर मिलते भी हैं तो वह काफी महंगे हैं। आधुनिक मशीनों से छपाई की रफ्तार बढ़ जाएगी व पुस्तकों के प्रकाशन में समय कम लगेगा।
प्रबंधक गीता प्रेस लालमणि त्रिपाठी ने बताया कि नई मशीन बुधवार तक आ सकती है। मशीन रास्ते में है। इसके साथ ही दिवाली तक एक और मशीन आ जाएगी। इससे पुस्तकों के प्रकाशन की रफ्तार बढ़ेगी।