लॉकडाउन के दौरान काम-धंधा बंद होने और उसपर शराब की लत, परिवारों में कलह की वजह तो बन ही रही है, जिंदगियां भी लील रही है। चौरीचौरा में पत्नी ने शराब पीने से मना किया तो युवक ने खुदकुशी कर ली तो वहीं खोराबार इलाके में शराब के लिए घर से रुपये नहीं मिलने पर एक युवक ने फंदे से लटककर जान दे दी। दोनों ही जगहों पर सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पत्नी ने शराब पीने से रोका तो कर ली खुदकुशी
सरदारनगर। चौरीचौरा इलाके के केवलाचक गांव में शराब पीने से मना करने से नाराज जितेंद्र विश्वकर्मा (30) ने फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। घर में छत की कुंडी से फंदा लगाकर जान देने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
बताया जा रहा है कि लॉकडाउन में काम ना होने पर घर की जो थोड़ी जमा-पूंजी थी, उसे भी जितेंद्र शराब पर खर्च करने लगा था। इसको लेकर घर में आए दिन विवाद होता था। जानकारी के मुतबिक, जितेंद्र विश्वकर्मा ने बृहस्पतिवार की सुबह ही शराब पी ली थी। इसी बात पर उसका पत्नी से विवाद हो गया।
पत्नी जमानती ने बताया कि बाद में वह खेत की तरफ चली गई थी। लौटी तो पति के खुदकुशी कर लेने की जानकारी हुई। दरवाजा खुला हुआ था और उसका पति फंदे से लटक रहा था। सूचना पर पहुंचे एसआई विकास नाथ ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मां ने शराब के लिए रुपये नहीं दिए तो फंदे से लटका
खोराबार कस्बा में मां ने शराब के लिए रुपये नहीं दिए तो बुधवार की देर रात झब्बू कन्नौजिया (26) ने फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। मां के शोर मचाने पर पहुंचे लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
जानकारी के मुताबिक, झब्बू मजदूरी करके जीवन यापन करता था। बुधवार की शाम उसने मां ज्योती देवी से शराब के लिए रुपये मांगे। ज्योति के मुताबिक, रुपये नहीं मिलने पर झब्बू ने गुस्से में खाना नहीं खाया। झब्बू की पत्नी दो बच्चों के साथ सोने चली गई। बरामदे में एक किनारे मां भी सो गई।
रात ग्यारह बजे के करीब मां की आंख खुली तो झब्बू फंदे से लटक रहा था। उसकी मौत हो चुकी थी। मां के शोर मचाने पर पत्नी और आसपास के लोग भी आ गए। मां ने बताया कि बेटा शराब का आदी था। वह मजदूरी करता था और जो भी कमाता था, उससे शराब पी जाता था।
उसकी पत्नी लोगों के घर चौका-बर्तन कर जो रुपये कमाती थी, उससे परिवार का खर्च चलता था। लॉकडाउन की वजह से काम बंद हो गया तो वह रोजाना घरवालों से रुपये मांगने लगा था।