- डोमिनगढ़ से गोरखपुर के बीच तीसरी लाइन बिछाने का चल रहा है काम
- गोरखनाथ ओवरब्रिज से डोमिनगढ़ तक बिछ चुकी है लाइन
- होली पर आने-जाने वाली भीड़ के चलते एक महीने आगे बढ़ा रहे इंटरलॉकिंग का काम
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। डोमिनगढ़-गोरखपुर-कुसम्ही के बीच बिछने वाली तीसरी लाइन के तीसरे चरण का काम तेजी से हो रहा है। इस चरण में डोमिनगढ़ से गोरखपुर स्टेशन के बीच लाइन बिछाई जा रही है, लेकिन इस लाइन की इंटरलाॅकिंग का कार्य अब होली के बाद कराया जाएगा। इसके बाद गोरखपुर से कैंट के बीच लाइन बिछाने का काम शुरू होगा। सबसे अंत में गोरखपुर यार्ड की रिमाॅडलिंग की जाएगी।
गोरखपुर स्टेशन पर हर दिन करीब 130 ट्रेनों का आवागमन होता है। इसके अलावा लगभग 40 मालगाड़ियां यहां से पार होती हैं। इस भीड़ के चलते अक्सर ही ट्रेनों को लाइन क्लीयर नहीं मिल पाता। लखनऊ की तरफ से आने वाली ट्रेनों को डोमिनगढ़ और नरकटियागंज, छपरा व वाराणसी की तरफ से आने वाली ट्रेनों को गोरखपुर कैंट में खड़ा करना पड़ता है। इस समस्या से निजात के लिए डामिनगढ़-गोरखपुर-कैंट-कुसम्ही के बीच तीसरी लाइन बिछाई जा रही है।
पहले चरण में कुसम्ही से कैंट तक लाइन बिछाने और दूसरे चरण में कैंट स्टेशन के यार्ड रिमाॅडलिंग का कार्य पूरा हो गया है। अब तीसरे चरण में डोमिनगढ़ से गोरखपुर के बीच तीसरी लाइन बिछाने का काम चल रहा है। इसके साथ ही डोमिनगढ़ यार्ड की रिमाॅडलिंग भी होनी है। यह लाइन गोरखनाथ ओवरब्रिज के पास मेन लाइन से जुड़ेगी। इसके लिए ओवरब्रिज से लेकर डोमिनगढ़ स्टेशन के पास तक लाइन बिछाने का काम हो चुका है।
इस लाइन की इंटरलाॅकिंग फरवरी में प्रस्तावित थी, लेकिन यात्रियों की सुविधा को देखते हुए अब इसे अप्रैल में किया जाएगा। क्योंकि 25 मार्च को होली है और इस त्योहार में बड़ी संख्या में लोग अपने घरों को लौटते हैं। इसके अलावा मार्च तक सहालग भी है। लिहाजा मार्च में कई गुना ज्यादा यात्रियों के आने-जाने का अनुमान है। इस कारण से इंटरलॉकिंग की डेट भी मार्च बाद ही तय होगी।
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कैंट लाइन बनने के बाद होगी गोरखपुर यार्ड की रिमाॅडलिंग
डोमिनगढ़ से गोरखपुर जंक्शन के बीच लाइन बिछाने व इंटरलाॅकिंग का कार्य पूरा होने के बाद चौथे चरण में गोरखपुर जंक्शन व कैंट स्टेशन के बीच तीसरी लाइन बिछाने का कार्य होगा। इस लाइन के पूरा होते ही गोरखपुर स्टेशन पर यार्ड रिमाॅडलिंग कराया जाएगा। यार्ड रिमाॅडलिंग का कार्य पूरा होने के साथ ही कैंट से लेकर गोरखपुर स्टेशन तक तमाम नए बदलाव दिखने लगेंगे।