गोरखपुर। जीडीए की महायोजना-2031 को लागू कराने को लेकर अधिकारी तैयारी में जुटे हैं। शासकीय समिति की ओर से जिन पांच बिंदुओं पर जीडीए को स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया था, उनके जवाब तैयार किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इसे दोबारा समिति के समक्ष पेश किया जाएगा। इसके बाद महायोजना को लागू करने का रास्ता साफ हो जाएगा। महायोजना लागू होने पर कई काॅलोनियों को मान्यता मिल जाएगी।
20 जुलाई को जीडीए की महायोजना 2031 को लेकर शासकीय समिति के अध्यक्ष, आवास आयुक्त रणवीर प्रसाद की अध्यक्षता में लखनऊ में हुई बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर और नगर नियोजक हितेश कुमार शामिल हुए थे। इस दौरान समिति के सामने जीडीए बोर्ड से पास हो चुकी महायोजना का चार घंटे तक प्रस्तुतीकरण हुआ। इसमें जिन बिंदुओं पर कोई कमी मिली, उनके जवाब बनाकर 10 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने का समय समिति ने दिया। जीडीए अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही रिपोर्ट तैयार करके शासकीय समिति को भेज दी जाएगी।
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इन बिंदुओं पर शासकीय समिति ने मांगा है जवाब
- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को वर्तमान की स्थिति के अनुसार और अधिक स्पष्ट करने को कहा गया है।
- जीडीए की ओर से मेट्रो, हाईवे आदि को मिलाकर एक पूर्ण योजना प्रस्तुत करने को कहा गया है।
- विनियमितीकरण के बारे में कहा गया है कि पूरे क्षेत्र को आवासीय दिखाने के बजाय उसमें यदि सरकारी जमीन, तालाब हो तो उसे अवश्य हाईलाइट किया जाए।
- समिति ने महायोजना-2031 के प्रारूप एवं महायोजना-2021 की तुलनात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
- आने वाले 10 वर्षों में जनसंख्या अनुमान को और ज्यादा स्पष्ट करने को कहा गया है।
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महायोजना में इन प्रस्तावों को दिया गया है महत्व
— शहर के भीतर 25 कॉलोनियों का आवासीय भू प्रयोग प्रस्तावित है।
— गोरखपुर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों, प्रांतीय राजमार्गों एवं रिंग रोड के दोनों ओर महायोजना में हाईवे फैसिलिटी जोन की व्यवस्था की गई है। इसमें होटल, पेट्रोलपंप, हॉस्पिटल, शैक्षिक सुविधाएं, वेयरहाउस बनाया जाएगा।
— कुशीनगर रोड पर नई आवासीय योजना के विकास के लिए भू उपयोग का प्रस्ताव किया गया है।
— प्रमुख मार्गों पर मिश्रित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए बाजार स्ट्रीट के रूप में प्रस्ताव किया गया है।
— शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज प्लान को महायोजना में शामिल किया गया है।
— मेट्रो रूट पर बाजार मार्ग का प्रस्ताव है, जहां पर व्यावसायिक गतिविधियां होंगी।
— महराजगंज रोड पर एक नया बस अड्डा भी प्रस्तावित है।
— लखनऊ और सोनौली मार्ग को जोड़ने वाले रिंग रोड पर औद्योगिक विकास के लिए करीब 700 हेक्टेयर भूमि का प्रस्ताव किया गया है।
वर्जन
शासकीय समिति की बैठक में महायोजना-2031 को लेकर कुछ बिंदुओं पर समिति ने सुझाव दिए हैं। उसके अनुसार रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। जल्द ही इसे समिति के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जाएगा।
-उदय प्रताप सिंह, सचिव, जीडीए