औद्योगिक क्षेत्र गीडा के उद्यमियों को भी काफी पेरशानी उठानी पड़ी। गीडा इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट व्हाट्सएप ग्रुप में बिजली निगम के अभियंता और उद्यमी जुड़े हैं। एक सदस्य गौरव सिंह ने लिखा कि गीडा में कहीं ट्रक पोल तोड़ देता है तो कहीं गैस वाले केबल काट देते हैं। बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। गैस पाइप लाइन डालने वालों के लापरवाही से उद्योगपतियों, निगम के कर्मचारियों को परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रैंड स्टील एंड इंजीनियरिंग ने गैस पाइप लाइन और बिजली निगम पर भी सवाल खड़े किए।
प्लास्टिक इंडस्ट्री को सबसे अधिक दिक्कत
बिजली कटौती से सबसे अधिक दिक्कत प्लास्टिक उद्योग के उद्यमियों को हुई। बिजली कटौती के दौरान प्लास्टिक का माल जम जाता है। जिसे वापस गर्म करने में एक घंटे का समय लगता है। इसके अलावा जमने के दौरान प्लास्टिक को निकालना पड़ता है। इससे लाखों रुपये का नुकसान उद्योमियों को सहना पड़ रहा। इसके अलावा 300 से 400 यूनिट प्रतिदिन कटौती से भी उद्यमी परेशान हो रहे हैं। ये बातें चेंबर ऑफ इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष आरएन सिंह ने बताई। उन्होंने बताया कि कटौती की जानकारी मुख्य अभियंता को दी गई है। मांग की गई है कि कटौती न हो, जिससे उद्यमियों को नुकसान न उठाना पड़े।