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Gorakhpur News: 30 लाख में ली थी फ्रेंचाइजी, 8 माह में 30 करोड़ से ज्यादा कमाए- जानिए, ऐसे कर रहे ठगी

Thu, 21 Mar 2024 10:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

ऑनलाइन कैसीनो के जरिए जालसाजी के आरोप में कोतवाली पुलिस की ओर से जेल भिजवाए गए आरोपियों का मास्टर माइंड रेड्डी है, लेकिन वह कहां का रहने वाला है, यह कोई नहीं जानता। इस ग्रुप के छह एप हैं, जिसकी बाकायदा फ्रेंचाइजी दी जाती है। फ्रेंचाइजी के लिए 30 लाख रुपये देने होते हैं, वह भी ऑनलाइन ही होता है। उसके बाद एप का लिंक आता है और फिर उसपर बीट लगवा सकते हैं।
 
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ऑनलाइन फ्रॉड - फोटो : pexels
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विस्तार
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गोरखपुर में ऑनलाइन कैसीनो के जरिए ठगी के मामले में जेल भेजे गए जालसाजों ने रेड्डी ग्रुप से 30 लाख रुपये में एप की फ्रेंचाइजी लेकर आठ महीने में 30 करोड़ रुपये से अधिक कमा लिए। पुलिस की जांच में पता चला है कि इनके पास 20 खाते थे। प्रत्येक खाते में 10 लाख रुपये से अधिक प्रतिदिन टर्नओवर होता था।
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इसके अलावा गोरखपुर में इसी तरह से 30-30 लाख रुपये देकर दो और लोगों ने भी फ्रेंचाइजी ली है, जिसकी जांच पुलिस ने तेज कर दी है।

दरअसल, ऑनलाइन कैसीनो के जरिए जालसाजी के आरोप में कोतवाली पुलिस की ओर से जेल भिजवाए गए आरोपियों का मास्टर माइंड रेड्डी है, लेकिन वह कहां का रहने वाला है, यह कोई नहीं जानता। इस ग्रुप के छह एप हैं, जिसकी बाकायदा फ्रेंचाइजी दी जाती है। फ्रेंचाइजी के लिए 30 लाख रुपये देने होते हैं, वह भी ऑनलाइन ही होता है। उसके बाद एप का लिंक आता है और फिर उसपर बीट लगवा सकते हैं।

गोरखपुर में दो लोगों को गिरफ्तार कर एक फ्रेंचाइजी तो सामने आ गई, लेकिन दो और के चलने की भी पुलिस को सूचना है। पुलिस अब उसमें शामिल लोगों की तलाश में जुटी है। उधर, पुलिस मास्टरमाइंड का पता लगा रही है, ताकि नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके।
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पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार कर जेल भेजे गए सिद्धार्थनगर के अजय ने मुंबई में बी -कॉम किया और इसके बाद वहीं पर प्राइवेट नौकरी शुरू कर दी। कंप्यूटर के मास्टर अजय ने वहीं से जालसाजी के नए आइडिया जाने। फिर उसने व्यापारी संजय से संपर्क किया। संजय उसके साथ रुपये लगाने को तैयार हो गया। इसके बाद दोनों ने मिलकर 30 लाख रुपये में रेड्डी ग्रुप से संपर्क कर फ्रेंचाइजी ले ली।

दोनों नौकरानी और कई अन्य लोगों का फर्जी खाता खोलकर पिछले आठ महीने से ठगी की दुकान चला रहे थे। इसके बाद ही दो और लोगों ने शहर में अपनी फ्रेंचाइजी खोली थी, जो दोनों की गिरफ्तारी के बाद से फरार हैं। अब पुलिस उनकी तलाश में लगी है।

इन एप का करते थे इस्तेमाल
रेड्डी अन्ना ऑनलाइन सट्टा गेमिंग पोर्टल अवैध रूप से संचालित ऑनलाइन सट्टा के माध्यम से लाइव कैसीनो, पोकर गेम, लूडो, फुटबाल गेम, ऑनलाइन तीन पत्ती, क्रिकेट, हाॅकी, फुटबाॅल व अन्य स्पोर्ट्स का संचालन करते हैं, जिसमें लोगों के द्वारा ऑनलाइन सट्टा खेला जाता है।

अभियुक्तों ने रेड्डी अन्ना ऑनलाइन सट्टा पोर्टल से reddyanna, play247, 11xplay, skyexchange, sky247 का पैनल खरीदा था, जिनका वे ऑनलाइन संचालन किया करते थे।

गलती किए तो हो जाएंगे बर्बाद, कोई नहीं जीतता
पुलिस की जांच में एक बात तो साफ हो गई है कि इस तरह के ऑनलाइन गेम के चक्कर में जो भी पड़ेगा, उसे बर्बाद होने से कोई नहीं रोक पाएगा। एक बार इस एप पर गए तो सिर्फ खाता खाली ही होना है, आना कुछ नहीं है। पुलिस की ओर से बचाव के लिए सोशल मीडिया की मदद से जागरूक भी किया जा रहा है।

इन बातों का दें ध्यान
- अवैध रूप से संचालित ऑनलाइन सट्टा पोर्टल पर यकीन न करें, इसमें दर्शाए हुए वर्चुअल क्वाइन की निकासी संभव नहीं होती है। यह आपकी मेहनत की कमाई को नुकसान पहुंचा सकता है।
- बैंकों को सूचित किया जाता है कि यदि इस तरह के कोई म्यूल खाते प्रकाश में आते हैं तो इस संबंध में संबंधित को तत्काल सूचित करें।

- बैंक कर्मचारी मात्र अपना टार्गेट पूरा करने के लिए बिना सत्यापन किए बैंक खाता न खोलें।
- आम जनता को यदि कोई सरकारी योजनाओं आदि के लिए बैंक में खाता खुलवाने के लिए कहता है तो उसकी पूरी जानकारी करने के बाद ही खाता खुलवाएं।

- बैंक से संबंधित अपने दस्तावेज (एटीएम, पासबुक, चेकबुक आदि) किसी अन्य को न दें।
- एटीएम पिन, ओटीपी, सीवीवी की जानकारी किसी से शेयर न करें।

यह हुआ था
पुलिस ने मंगलवार को पुर्दिलपुर निवासी संजय और सिद्धार्थनगर के अजय को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। दोनों के पास से पासबुक, 11 लाख रुपये, 10 मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। यह सभी रेड्डी के ऑनलाइन कैसीनो की मदद से जालसाजी कर रहे थे।

एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया कि पुलिस ने गिरोह में शामिल दो आरोपियों को जेल भिजवाया है। पूरे प्रकरण की गहराई से जांच की जा रही है। गिरोह में जो भी शामिल होगा, उस पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।


 
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