हज यात्रियों को दिया गया प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। जिले के हज यात्रियों को नार्मल स्थित दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद में रविवार को दावते इस्लामी इंडिया की ओर से हज प्रशिक्षण दिया गया। काबा शरीफ का तवाफ, कुर्बानी व शैतान को पत्थर मारने का तरीका बताया गया।
हज प्रशिक्षक हाजी मो. आजम अत्तारी ने बताया कि हज के पांच दिन मुख्य होते हैं। आठवीं जिलहिज्जा (इस्लामी माह) पहला दिन है। आठवीं तारीख की रात नमाज-ए इशा के बाद एहराम पहन कर मक्का शरीफ से मीना के मैदान (पवित्र स्थान) रवानगी होती है। यहां पांच वक्त की नमाज अदा की जाती है। हाजी पत्थर चुनते हैं। नौवीं रात गुजार कर 10वीं जिलहिज्जा का नमाज-ए-फज्र पढ़कर सुबह सूरज निकलने के बाद मीना वापस आ जाते हैं और बड़े शैतान को पत्थर मारते हैं फिर कुर्बानी कराकर सर मुंडाते हैं और अब एहराम से निकल जाते हैं।
बताया कि हज का दूसरा फर्ज तवाफ-ए-जियारत है। मक्का की पवित्र मस्जिद में खाना-ए-काबा का तवाफ करते हैं। बताया कि 11वीं व 12वीं जिलहिज्जा को मीना के मैदान में शैतानों को पत्थर मारने होते हैं। इस अवसर पर शहजाद अत्तारी, आदिल अत्तारी, मो. फरहान अत्तारी, इब्राहीम अत्तारी, अहमद अत्तारी आदि मौजूद रहे।