इस्लामी माह जिलहिज्जा का चांद सोमवार की शाम को देखा जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। इस्लामी माह जिलहिज्जा का चांद सोमवार की शाम को देखा जाएगा। अगर चांद नजर आ गया तो ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व मंगलवार को मनाया जाएगा। अगर चांद नजर नहीं आया तो पर्व 30 जून को मनाया जाएगा। पर्व में मुसलमानों द्वारा लगातार तीन दिनों तक कुर्बानी की जाती है।
सोमवार को तंजीम उलमा-ए-अहले सुन्नत चांद देखने की कोशिश करेगी। जिलहिज्जा का चांद देखने के बाद उलमा किराम पर्व की तारीख का ऐलान करेंगे। मुस्लिम समाज से अपील की गई है कि वह माहे जिलहिज्जा का चांद देखने की कोशिश करें, चांद नज़र आने पर मुफ़्ती-ए-शहर अख्तर हुसैन 9956971232, नायब काजी मुफ्ती मो. अज़हर 9598348521, मुफ्ती मेराज अहमद 7388095737, मुफ्ती मुनव्वर रज़ा 8249333347 के नंबरों पर सूचित करें। पर्व की तारीख का ऐलान उलमा-ए-अहले सुन्नत चांद की तस्दीक के बाद ही करेंगे।
क़ुरआन में है कुर्बानी करने का हुक्म : कारी अनस
मकतब इस्लामियात तुर्कमानपुर के शिक्षक कारी मोहम्मद अनस रजवी ने बताया कि दीन-ए-इस्लाम में कुर्बानियों का महत्वपूर्ण स्थान है। अजमत-ए-इस्लाम व मुस्लिम कुर्बानी में है। उसी में से एक ईद-उल-अजहा पर्व है, जो माहे जिलहिज्जा का चांद देखे जाने पर 29 या 30 जून को मनाया जाएगा। मुसलमानों द्वारा लगातार तीन दिन तक कुर्बानी की जाएगी। अल्लाह का क़ुरआन-ए-पाक में इरशाद है कि ‘ऐ महबूब अपने रब के लिए नमाज पढ़ो और कुर्बानी करो’। ईद-उल-अजहा पर्व एक अज़ीम बाप व अज़ीम बेटे की कुर्बानी के लिए याद किया जाता है।