बहराइच से लाया गया बाघ। स्रोत : चिड़ियाघर
बहराइच जिले से रेस्क्यू किया गया एक बाघ सुरक्षित गोरखपुर चिड़ियाघर लाया गया है। वन विभाग की निगरानी में लाए गए बाघ की उम्र करीब आठ वर्ष है। चिड़ियाघर प्रशासन के अनुसार, बाघ पूरी तरह स्वस्थ है। फिलहाल, उसे चिड़ियाघर परिसर स्थित अस्पताल के क्वारंटीन सेंटर में रखा गया है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उसकी नियमित निगरानी कर रही है।
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान पहुंचने के बाद बाघ का प्रारंभिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया जिसमें उसकी स्थिति सामान्य पाई गई। डॉक्टरों के अनुसार, क्वारंटीन अवधि के दौरान बाघ के व्यवहार, खान-पान और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ताकि उसे नए वातावरण में ढलने में किसी प्रकार की समस्या न हो।
बहराइच में बाघाें की अधिकता होने पर उसे रेस्क्यू किया गया था। इसके पहले भी बहराइच और पीलीभीत से तीन बाघिनों को रेस्क्यू कर गोरखपुर चिड़ियाघर लाया जा चुका है। वे सभी वर्तमान में अस्पताल के रेस्क्यू सेंटर में रखी गईं हैं और उनकी नियमित देखरेख की जा रही है। चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य वन्यजीव चिकित्सक डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि बाघ अभी पूरी तरह स्वस्थ है। उसकी निगरानी की जा रही है।