पकड़े गए युवकों ने पूछताछ में कहा, हम स्वस्थ हैं, अब आश्रय गृह में नहीं रहना चाहते। अधिकारियों से कई बार कहा, लेकिन वापस नहीं भेजा गया, इसलिए भागना पड़ा। मंगलवार दी देर रात भागने से पहले युवकों ने एमआर होम में 16 सीसीटीवी और 8 फीट ऊंची दीवार के बावजूद चारों ने मेन गेट के कैमरे का तार काट दिया था।
राजघाट स्थित राजकीय मानसिक मंदित आश्रय गृह (एमआर होम) से मंगलवार देर रात भागे चार संवासियों में से तीन को पुलिस ने पकड़ लिया है। रवि गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर मिला, जबकि बबलू और सोमारू आश्रय गृह के आसपास ही घूमते मिले। चौथे संवासी आजम उर्फ आलम की तलाश जारी है।
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पकड़े गए युवकों ने पूछताछ में कहा, हम स्वस्थ हैं, अब आश्रय गृह में नहीं रहना चाहते। अधिकारियों से कई बार कहा, लेकिन वापस नहीं भेजा गया, इसलिए भागना पड़ा। मंगलवार दी देर रात भागने से पहले युवकों ने एमआर होम में 16 सीसीटीवी और 8 फीट ऊंची दीवार के बावजूद चारों ने मेन गेट के कैमरे का तार काट दिया।
ड्यूटी पर तैनात गार्ड यादव के सोने का फायदा उठाकर मेन गेट से फरार हो गए। एमआर होम में 48 संवासी रहते हैं, सुरक्षा में 3 गार्ड 8-8 घंटे की शिफ्ट में तैनात हैं।भागने वालों में रवि (22), आजम (19), बबलू (23) को 4 मई 2014 को लखनऊ बाल सुधार गृह से भेजा गया था, जबकि सोमारू (19) जून 2025 में आया था। बाहर दुकान चलाने वाले दुकानदार के मुताबिक रवि तेज-तर्रार है, उसी ने भागने की योजना बनाई होगी।