कैंपियरगंज में तंत्रमंत्र से इलाज की सूचना के बाद पुजारी से बात करती पुलिस।
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कैंपियरगंज इलाके के एक मंदिर परिसर में झाड़-फूंक का अस्पताल चलाने की शिकायत पुलिस को मिली है। बीते शुक्रवार को पुलिस पहुंची तो वहां तंत्र-मंत्र में जुटे लोग फरार हो गए। पुलिस को पता चला कि वहां हर रोग तंत्र-मंत्र और अंगारे पर चलाकर दूर कर देने का दावा किया जा रहा था। फिलहाल, पुलिस पुजारी से ऐसी किसी भी गतिविधि के होने पर जानकारी देने की बात कहते हुए लौट आई।
पुलिस की जांच में पता चला कि मंदिर में लोगों की आस्था है, लेकिन इसकी आड़ में कुछ तांत्रिक भी आते हैं। तांत्रिकों के सक्रिय होने की सूचना पर अब एक बार फिर से पुलिस ने पुराने तांत्रिक रजिस्टर को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है।
सोशल मीडिया पर पुलिस को जानकारी दी गई कि भूत-प्रेत का साया बताकर गरीब लोगों को ठगा जा रहा है। कई लोगों को अंगारे पर चलाया जा रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। पुलिस पहुंची तो आसपास के संभ्रांत लोगों ने इस बात को स्वीकार भी किया।
उन्होंने बताया कि यहां पर हर बीमारी की वजह भूत को बताया जाता है और तंत्र-मंत्र करने वाले मंदिर परिसर में ही अपना जमावड़ा कर लिए हैं। इसी तरह से लोगों का उपचार करते हैं और समय से इलाज न होने की वजह से कई बार लोगों की जान चली जाती है। लोगों ने पुलिस को बताया कि तंत्र-मंत्र और अंगारों पर चलाकर रोगियों का इलाज किया जाता है। गोरखपुर ही नहीं, बिहार और नेपाल तक के लोग यहां पर तंत्र-मंत्र से इलाज कराने आते हैं।
पुलिस के जाने पर तांत्रिक फरार हो गए। पुजारी से सहयोग मांगते हुए पुलिस ने बातचीत की है। सूत्रों की मानें तो काफी पहले यहां तांत्रिकों पर सख्त कार्रवाई हुई थी। अब एक बार यहां तांत्रिकों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है।
एसपी उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म पर आई शिकायत के बाद पुलिस वहां गई थी, लेकिन कुछ ऐसा नहीं मिला है। तंत्र-मंत्र करने वालों की जांच की जाएगी। वहां के पुजारी से भी बातचीत की गई है, ऐसी गतिविधियां होने पर सूचना देने के लिए कहा गया है। स्थानीय थाने की पुलिस भी निगरानी कर रही है।