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Gorakhpur News: आईजीआरएस के मामलों में नहीं चलेगी मनमानी

Mon, 06 Nov 2023 12:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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- डीएम ने जारी किया निर्देश, सभी विभाग करेंगे त्वरित कार्रवाई
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- सीएम ने जताई है गहरी नाराजगी, पीड़ितों से बात करके लगेगी रिपोर्ट

संवाद न्यूज एजेंसी

गोरखपुर। जिले में जन शिकायतों के निस्तारण में मनमानी नहीं चलेगी। आईजीआरएस के प्रकरणों के निस्तारण के लिए पोर्टल पर अपलोड करने की अधिकतम 10 दिन की समय सीमा तय की गई है। जनसुनवाई के मामलों में लापरवाही सामने आने पर सीएम ने गहरी नाराजगी जताई थी। इसके बाद डीएम की ओर से सभी विभागों के जिलास्तरीय अधिकारियों को पत्र जारी किया गया है।

आईजीआरएस के मामलों के निस्तारण में लापरवाही होती है। कार्रवाई के विवरण की आख्या अधिक विलंब से उपलब्ध कराई जाती है। कभी-कभी शिकायतों के निस्तारण में सतही आख्या दी जाती है। ऐसे मामले डिफाल्टर हो जाते हैं। इससे जिले की रैंकिंग प्रभावित होती है। इसलिए डीएम कृष्णा करुणेश ने शिकायतों के निस्तारण के संदर्भ में आख्या पोर्टल पर अपलोड करने की तिथियां तय कर दी हैं।
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तीन दिन में अपलोड करें सीएम संदर्भ की आख्या
डीएम की ओर जारी पत्र में कहा गया है कि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारित होने के बाद उनको तय तिथि के अनुसार ही पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसमें सीएम संदर्भ के प्रकरणों को तीन दिन में अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। राज्यपाल संदर्भ और फीडबैक पर कार्रवाई संदर्भ की आख्या तीन दिन में अपलोड होगी। इसके अलावा डीएम संदर्भ 10, संपूर्ण समाधान दिवस 10, एसएसपी 10, केंद्र सरकार संदर्भ सात दिन, ऑनलाइन मामले पांच, कमिश्नर संदर्भ के प्रकरणों और डिप्टी सीएम, मंत्री संदर्भ की आख्या पांच दिनों में अपलोड की जाएगी। आर्थिक मदद से संबंधित प्रकरणों को एक दिन और महिला हेल्पडेस्क के लिए दो दिन का समय तय हुआ है। एंटी भू-माफिया के संबंध पांच दिन का समय दिया गया है।
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आख्या अपलोड करने में बरतेंगे यह सावधानी
- आवेदकों से मोबाइल पर बात करने के बाद आख्या अपलोड की जाएगी।
- भूमि विवाद के प्रकरणों, भूमि की पैमाइश को तहसील और थाना समाधान दिवस में बैठकर निपटाया जाएगा। राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर शीघ्र निस्तारण कराने के बाद आख्या अपलोड की जाएगी।
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- जिन प्रकरणों में स्थलीय निरीक्षण होगा। उसमें दो निष्पक्ष गवाहों के बयान नाम, पता तथा मोबाइल नंबर सहित अन्य जानकारी ली जाएगी।
- जिन प्रकरणों में आवेदक का फीडबैक निगेटिव हो, उन प्रकरणों में आवेदक से बात करके स्थलीय निरीक्षण करते हुए उनके बयान सहित अंतिम आख्या अपलोड की जाए। पुरानी आख्या से प्रकरणों का निस्तारण न करें। गलत निस्तारण करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
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