अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश डायबिटिज एसोसिएशन का वार्षिक सम्मेलन 22 से 24 दिसंबर तक योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में होगा। इसमें देशभर के 350 विशेषज्ञ शामिल होंगे। ये विशेषज्ञ मधुमेह पर देश और दुनिया भर में हो रहे शोध पर चर्चा करेंगे। पैरा मेडिकल स्टॉफ का भी एक दिवसीय प्रशिक्षण होगा। आखिरी दिन आम लोगों के लिए भी एक खुला सत्र होगा, जिसमें लोग मधुमेह से जुड़े सवाल विशेषज्ञों से पूछ सकेंगे।
आयोजन समिति की तरफ से डॉ. आलोक कुमार गुप्ता, डॉ. सुधीर और डॉ. आरपी त्रिपाठी ने कहा कि खराब जीवन शैली के कारण होने वाली बीमारियों में मधुमेह और मोटापा प्रमुख हैं। अनियंत्रित मधुमेह शरीर के प्रत्येक अंग को क्षति पहुंचाता है। 20 प्रतिशत आबादी मधुमेह की चपेट में है। इस चुनौती से निपटने के लिए नए अध्ययन और शोध के माध्यम से चिकित्सा के नए उपाय खोजने होंगे। इस नए ज्ञान को चिकित्सकों तक पहुंचाने का माध्यम खोजना और चिकित्सक से रोगी और आम जन को जागरूक करना होगा।
उत्तर प्रदेश डायबिटीज एसोसिएशन मधुमेह के क्षेत्र में 20 वर्षों से निरंतर सक्रिय है। वार्षिक चिकित्सा सम्मलेन इसी का हिस्सा है जो 22, 23 और 24 दिसंबर को होने जा रहा है। इस सम्मलेन में प्रदेश के लगभग 300 चिकित्सक और देश से 50 के लगभग विशेषज्ञ मधुमेह के विभिन्न पहलुओं पर नवीनतम जानकारी देंगे।
पैरा मेडिकल स्टॉफ का होगा प्रशिक्षण
डॉक्टर और मरीजों के बीच पैरा मेडिकल स्टॉफ महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। इसीलिए शहर के विभिन्न अस्पतालों के पैरा मेडिकल स्टॉफ का भी प्रशिक्षण 24 दिसंबर को होगा। इसी दिन दोपहर तीन से पांच बजे के बीच संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए विशेषज्ञ आम लोगों के सवालों के जवाब देंगे। इस ओपन सेशन में कोई भी नागरिक विशेषज्ञों से अपने सवाल पूछ सकता है।