दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शोषण के आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ ऑडियो के अलावा मोबाइल रिकॉर्ड भी साक्ष्य के रूप में हैं। आंतरिक शिकायत समिति ने पीड़िता से सभी साक्ष्य मांगे हैं। बताया जा रहा है कि जल्द ही पीड़िता अन्य साक्ष्य भी सौंप सकती है।
बीए की छात्रा ने असिस्टेंट प्रो. डॉ. जितेंद्र कुमार पर शोषण का आरोप लगाया है। आरोप है कि 21 दिसंबर की रात नशे में शिक्षक ने उसके मोबाइल पर फोन किया। पहले तो वह सम्मान में बात करती रही, लेकिन जब वह हद पार करने लगा तो फोन काट दिया। दूसरे दिन विभाग पहुंचने पर सहेली के सामने उसने अभद्रता की। इसके बाद उसने विश्वविद्यालय के जिम्मेदारों से शिकायत की।
विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति से आठ जनवरी को आरोपी शिक्षक की शिकायत की, लेकिन मामला दबा रहा, जब मामला समाचार पत्रों में आया तो जांच तेज हो गई। मामला तूल पकड़ने पर कुलपति ने आरोपी शिक्षक को निलंबित करने साथ विश्वविद्यालय के शैक्षणिक परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया। उसे कुलसचिव कार्यालय से संबद्ध कर दिया।
अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए आंतरिक शिकायत समिति ने पीड़िता से घटना की जानकारी लेते हुए उससे बातचीत का ऑडियो ले लिया है। इसके बाद आरोपी शिक्षक से जवाब मांगा गया है। सूत्राें की माने तो पीड़िता के पास आरोपी शिक्षक के खिलाफ अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी हैं। जिसका उल्लेख उसने आंतरिक शिकायत समिति से की है। आंतरिक शिकायत समिति ने उससे अन्य साक्ष्य भी उपलब्ध कराने को कहा है।
सहेली ने बयां की कमरे में अभद्रता की कहानी
विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति ने सहेली से भी पूछताछ की है। घटना वाले दिन पीड़िता सहेली के साथ आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर से मिलने उसके कमरे में गई थी। आरोपी उसकी सहेली के सामने भी अभद्रता करने लगा। 21 दिसंबर की रात छात्रा के मोबाइल पर फोन कर आरोपी शिक्षक उसकी सहेली को फेल करने की धमकी दे रहा था।
ऑडियो में वह साफ यह कहते हुए सुनाई पड़ रहा है कि ''''''''मैं चाहूं तो उसे फेल या पास कर सकता हूं, सहेली तुम्हारी है फेल न हो इसके लिए तुमको मिलना होगा''''''''। इसके बाद पीड़िता सहेली के साथ दूसरे दिन आरोपी शिक्षक से मिलने पहुंची थी।