नाले पर चल रहे कार्यों का निरीक्षण के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शहर को साफ और सुंदर बनाने के लिए गोड़धोइया नाले पर चल रहे निर्माण कार्यों का ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी ने शुक्रवार को निरीक्षण किया। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि नाले के इंटरसेप्शन, डायवर्जन और ट्रीटमेंट प्लांट का काम एक साथ अगले साल मार्च तक खत्म होना है। इसी के अनुरूप कार्य में तेजी लाएं।
करीब 9.7 किलोमीटर लंबे गोड़धोइया नाले के पुनर्निर्माण से 17 वार्डों के करीब 2.20 लाख आबादी को फायदा होगा। नाले का निर्माण काम शुरू हो गया है। गोड़धोइया नाले के दोनों तरफ इंटरसेप्ट सीवर लाइन डाली जाएगी। इस सीवर लाइन को एसटीपी से जोड़ा जाएगा। मार्च 2025 तक इसे बनाने का लक्ष्य निर्धारित है।
नाला निर्माण के साथ ही सीवर लाइन भी डाली जाएगी। इससे 17 वार्डों के 2.20 लाख लोगों को फायदा होगा। अलग-अलग इंटरसेप्ट सीवर लाइन से इन वार्डों के गंदे पानी को एसटीपी में लाकर साफ कर दिया जाएगा। इसके बाद पानी रामगढ़ताल में छोड़ा जाएगा। पहले फेज में गोड़धोइया नाले के दोनों तरफ इंटरसेप्ट सीवरलाइन बिछाने के काम को पूरा किया जाना है। बताया कि इस मद में 474 करोड़ रुपये की स्वीकृत हो चुकी है।
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