ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व सोमवार को है। सोमवार से बुद्धवार तक हर दिन सुबह से दोपहर 2 बजे तक कुर्बानी का दौर चलेगा। इस दौरान कुर्बानी से निकले अवशेष, जेमिनी गार्डेनिया के सामने शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान की दीवार के साथ गोरखपुर विकास प्राधिकरण की भूमि में किया जाएगा।
रविवार को नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने जेमिनी गार्डेनिया के सामने जीडीए की भूमि का निरीक्षण किया। इस जमीन पर कुर्बानी के अवशेष दफनाने के लिए सात गढ्ढे किए गए हैं। यहां अवशेष दफनाने के बाद नमक और मैलाथियान का छिड़काव किया जाएगा। लगातार तीन दिन तक चलने वाले कुर्बानी के सिलसिले के मद्देनजर यहां कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। महानगर के सभी 80 वार्डों से कुर्बानी के अवशेष से भरी सभी गाड़ियां इसी ग्राउंड पर लाई जाएंगी। गाड़ियों में पालीथीन का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि अवशेष परिवहन के दौरान रास्ते में सड़क पर न गिरे।
गाड़ियों को ढक कर डम्पिंग ग्राउंड में लाया जाएगा। यहां तैनात कर्मचारियों के लिए नगर आयुक्त ने पेयजल, जलपान एवं प्रकाश का इंतजाम करने का निर्देश दिया है। उन्होंने उपनगर आयुक्त मणि भूषण तिवारी को अपशिष्ट दफन स्थल तक विभिन्न वार्डों से गाड़ियों के पहुंच का मार्ग चिन्हित करने का निर्देश दिया। इन मार्गों पर भी लगातार सेनेटाइजेशन का काम किया जाएगा।
घनी आबादी के बीच कुर्बानी के अवशेष डम्प करना अनुचित
जैमिनी गार्डेनिया सोसायटी तारामंडल गोरखपुर की नई कार्यकारिणी अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह, उपाध्यक्ष डॉ अनिता अग्रवाल, सचिव अनिल यादव, कोषाध्यक्ष विजय कुमार श्रीवास्तव ने कड़ा एतराज व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि दो साल तक लम्बे संघर्ष के बाद इस ग्राउंड पर कुर्बानी के अपशिष्ट दफन करने का काम बंद हुआ था। यहां पर डम्पिंग ग्राउंड बनाना अनुचित है।
बोर्ड आफ मैनेजमेंट के रेशमा गुप्ता, संध्या त्रिपाठी, लल्लन यादव, डॉ गौरव गुप्ता, अनूप भंडारी, प्रदीप गोयल, विजय श्रीवास्तव ने कहा कि रामगढ़ताल एरिया शहर का सबसे बड़ा पयर्टक स्थल है। यहां शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान की चाहरदीवारी है, उसी के साथ कुर्बानी का अवशेष दफन करना अनुचित और अव्यवहारिक है। सभी ने महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव एवं नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल से मांग करते हुए कहा कि कुर्बानी का अवशेष दफन करने के लिए आबादी से दूर कोई स्थल चयनित करें।