गोरखपुर। कवियत्री मल्लिका दास की काव्य पुस्तक ''''जल रंगे आंका'''' का विमोचन एक होटल में होम्योपैथी के चिकित्सक डॉ. रुप कुमार बनर्जी ने किया। उन्होंने कहा कि कविता संसार के सुख, दुख, आनंद और क्लेश का यथार्थ अनुभव कराती है। यह पाठकों को जीवन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराती है। विमोचन के अवसर पर मल्लिका दास को शाल, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रो. अलक राय, तमाल आचार्य, प्रदीप विश्वास, डॉ. रचना, अचिंत्य लाहिड़ी, अजय दास, जयश्री लाहिड़ी, हरप्रसाद मुखर्जी, विरेन्द्र पाल आदि मौजूद रहे। संवाद