एयरपोर्ट निदेशक आरके पराशर ने बताया कि एक फ्लाइट भी अगर देर से आती है, तो उसकी वजह से अन्य फ्लाइटों का शेड्यूल बिगड़ जाता है। रनवे पर दो ही फ्लाइट खड़ी हो सकती है, इसके अलावा जो भी फ्लाइटें आती हैं, उन्हें टैक्सी-वे एरिया में रोकना पड़ता है।
स्पाइस जेट की फ्लाइट ने तकनीकी खराबी दूर होने के बाद एयरपोर्ट से 24 घंटे बाद सोमवार को दोपहर 1:40 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरी। रविवार को रनवे पर स्पाइस जेट की दिल्ली जाने वाली फ्लाइट तकनीकी खराबी की वजह से खड़ी हो गई थी।
विज्ञापन
किसी तरह फ्लाइट को रनवे से हटाया गया तब जाकर अन्य फ्लाइटें उड़ान भरी। इससे एयरपोर्ट पर आए करीब 900 यात्रियों को परेशान होना पड़ा था। रनवे पर केवल दो फ्लाइट खड़ी होने की जगह है, इसलिए आए दिन उड़ान देर से हो रही है।
मई में नया एप्रन बनकर तैयार हो जाएगा, इसके बाद यह समस्या समाप्त हो जाएगी। एयरपोर्ट निदेशक आरके पराशर ने बताया कि एयरफोर्स एरिया में नया एप्रन बन रहा है। उसके बनने से एक साथ तीन बड़े और एक छोटी फ्लाइट खड़ी हो सकेगी। निर्माण कार्य अप्रैल में पूरा होना था, लेकिन मई तक हर हाल में यह काम पूरा हो जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि एक फ्लाइट भी अगर देर से आती है, तो उसकी वजह से अन्य फ्लाइटों का शेड्यूल बिगड़ जाता है। रनवे पर दो ही फ्लाइट खड़ी हो सकती है, इसके अलावा जो भी फ्लाइटें आती हैं, उन्हें टैक्सी-वे एरिया में रोकना पड़ता है। वहां पर यात्रियों को उतारने का इंतजाम नहीं है।
इस वजह से यात्रियों को भी घंटों इंतजार करना पड़ता है। नया एप्रन बनते ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा। वहीं, अधिक क्षमता वाले टर्मिनल के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। टर्मिनल पर अभी 100 यात्रियों के बैठने का इंतजाम है। फ्लाइट देर होने से यात्रियों की संख्या बढ़ने पर इंतजाम फेल हो जाते हैं।