शाहपुर इलाके में आपसी विवाद के बाद पुलिस को दी गई थी मारपीट व फायरिंग की सूचना
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शाहपुर इलाके के सरस्वतीपुरम कॉलोनी में आपसी मारपीट के बाद दवा एजेंसी मालिक ने फायरिंग की फर्जी सूचना दी थी। पुलिस की जांच में पता चला है कि जिस तमंचा से फायरिंग की बात कही गई है, वह फायरिंग के हालत में ही नहीं है। आसपास के कैमरों की जांच में मारपीट ही नजर आ रहा है। पुलिस ने दोनों पक्ष के छह लोगों पर केस दर्ज कर जांच कर रही है।
पुलिस ने भरवलिया निवासी सौरभ प्रताप सिंह, सिंघड़िया के प्रिंस मिश्रा, मोहद्दीपुर के मोहम्मद सैफ, शाहपुर के उपेंद्र कुमार चौरसिया, सरस्वतीपुर के संतोष पांडेय, अमित सिंह व दिव्यांशु पांडेय को आर्म्स एक्ट का आरोपी बनाया है।
जानकारी के मुताबिक, रामगढ़ताल इलाके के बगहा बाबा मंदिर निवासी गौरव प्रताप सिंह की इसी क्षेत्र में दवा की एजेंसी है। बुधवार की रात में उन्होंने बताया कि कार में टक्कर होने के बाद चार युवक आए और मारपीट करने के साथ ही हवाई फायरिंग भी की। विरोध करने पर आरोपी तमंचा और मोबाइल छोड़कर फरार हो गए। घटना 11 बजे की बताए, लेकिन पुलिस को सूचना रात में दो बजे दी गई थी। तभी पुलिस को शक हो गया था। पुलिस ने सूचना देने वाले से ही सख्ती से पूछताछ की तो वह रफा-दफा करने की गुहार लगाने लगा। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों पर केस दर्ज किया।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नाई ने बताया कि तमंचा मिला है, सभी आरोपियों पर आर्म्स एक्ट का केस दर्ज कर किया गया है। जांच में पता चलेगा कि तमंचा किसका था, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फायरिंग और लूट की बात जांच में फर्जी पाई गई है।