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Gorakhpur News: नए निदेशक ने हर कमरे में जाकर देखी व्यवस्था, एचओडी से ली जरूरतों की जानकारी

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एम्स में निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों से बात करते कार्यकारी निदेशक डॉ जीके पॉल।
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अमर उजाला ब्यूरो
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गोरखपुर। एम्स के नए कार्यकारी निदेशक प्रो. गोपाल कृष्ण पाल ने बृहस्पतिवार एम्स की ओपीडी का निरीक्षण किया। ओपीडी से लेकर आइपीडी तक पहुंचे कार्यवाहक निदेशक ने कहा कि सुपर स्पेशलिटी की ओपीडी रेजिडेंट के भरोसे शुरू की जाएगी। इसके लिए जल्द ही शिक्षकों की भर्ती होगी। इसके अलावा अन्य रिक्त पदों को भी जल्दी भरा जाएगा। प्रयास किया जाएगा कि यहां आने वालों को बेहतर इलाज मिले।
कार्यकारी निदेशक सुबह 10:30 बजे एम्स की ओपीडी पहुंचे। वहां डीडीए अरुण कुमार सिंह, सीएमएस मनोज कुमार सौरभ, आइपीडी प्रभारी डाॅ. रुचिका अग्रवाल, डाॅ. कनिष्क, डाॅ. अजय भारती, डाॅ. शशांक शेखर ने स्वागत किया। डाॅ. रुचिका ने बताया कि प्रतिदिन करीब 2400 मरीज ओपीडी में आते हैं। एक चिकित्सक ऑनलाइन 105 व ऑफलाइन 45 मरीज देखते हैं। कार्यकारी निदेशक सबसे पहले पल्मोनरी विभाग पहुंचे, जहां डाॅ. सुबोध ने चिकित्सीय सुविधा की जानकारी दी।
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इसके बाद दंत चिकित्सा विभाग पहुंचे जहां डाॅ. शैलेश ने विभाग की जरूरतों की जानकारी दी। अस्थि विभाग में डा. अजय भारती ने जानकारी मुहैया कराई। कैंसर विभाग में डा. शशांक शेखर ने जानकारी दी। कार्यकारी निदेशक ने कैश काउंटर, रक्त जांच केंद्र, एमआरआई एवं सिटी स्कैन कक्ष में जाकर पूछताछ की। ओपीडी निरीक्षण के बाद कार्यकारी निदेशक ने आईपीडी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने एनेस्थिसिया के डॉक्टरों से जानकारी लेने के बाद फिमेल सर्जरी वार्ड, मेल सर्जिकल वार्ड तथा सर्जिकल आईसीयू वार्ड का निरीक्षण किया।

एमबीबीएस के छात्रों से भी की बातचीत
कार्यकारी निदेशक ने प्रथम तल पर स्थित स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग का निरीक्षण कर इलाज की जानकारी ली। इसके बाद बाल रोग विभाग, सर्जरी विभाग की जानकारी ली। डा. गौरव गुप्ता ने निदेशक को संसाधनों से अवगत कराया। यहां एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्रों से भी कार्यकारी निदेशक ने बात की और रात में भोजन का निमंत्रण दिया।

एचओडी के साथ की मीटिंग
दोपहर करीब 12:30 बजे तक सभी विभागों का निरीक्षण करने के बाद कार्यकारी निदेशक ने सभी विभागाध्यक्षों की भी बैठक ली। कार्यकारी निदेशक ने कहा कि एम्स में आने वाले जरूरतमंदों को समुचित इलाज मिले, यह पहली प्राथमिकता है। उपलब्ध संसाधनों का कैसे बेहतर प्रयोग करते हुए अधिकतम लोगों को चिकित्सा सुविधा दी जा सकती है, इसकी प्लानिंग करनी है। इसके लिए सभी विभागों में रिक्त पदों व संसाधनों की पूर्ति की जाएगी। जहां नए भर्ती की जरूरत है, वहां इसके लिए विज्ञापन जारी किए जाएंगे।
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कोट
ओपीडी आईपीडी के निरीक्षण किया गया। पहला निरीक्षण संसाधनों की जानकारी लेने के लिए था। चिकित्सा स्टॉफ की कमी के कारण एम्स का क्षमता के मुताबिक उपयोग नहीं हो पा रहा है। विभागों में पर्याप्त मात्रा में सीनियर डॉक्टर नहीं हैं, जिससे इलाज में दिक्कत आ रही है। इसको देखते हुए शिक्षकों की नियुक्ति को प्राथमिकता पर किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया चल रही है। शिक्षकों की भर्ती का रिजल्ट जल्दी जारी किया जाएगा। जो पद रिक्त रह जाएंगे। उनके लिए दोबारा आवेदन मांगा जाएगा।
डॉ. जीके पॉल, कार्यकारी निदेशक, एम्स गोरखपुर
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