मुख्यमंत्री ने भी दी थी सलाह
सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों राप्ती रिवर फ्रंट को लेकर जीडीए, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें उन्होंने नगर निगम को एसटीपी लगाकर राप्ती नदी में गिरने वाले पानी को साफ करने की जिम्मेदारी दी थी। सीएम ने कहा था कि निगम प्राकृतिक तरीके से पानी को साफ करने की योजना बनाएं। प्राकृतिक एसटीपी के लिए एक महीने पहले प्रो. सीआर बाबू की टीम ने शहर के नालों और पोखरों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट दी थी। उसी रिपोर्ट के आधार पर निगम इसका निर्माण कराने जा रहा है।
नाले में लगेंगे पत्थर
नाले के अंदर पानी को साफ करने के लिए सबसे पहले इन नालों की सफाई होगी। इसके बाद नाले के अंदर एक पत्थर की चिनाई वाली दीवार बनाई जाएगी। प्रत्येक नाले में 50-100 मीटर की दूरी पर समान पत्थर की चिनाई वाली दीवार का निर्माण किया जाएगा। इसका निर्माण उन स्थानों पर ही होगा जहां नाली की चौड़ाई संकरी है। इसके साथ ही जगह-जगह पत्थर बिछाए जाएंगे। जहां पर कच्चा नाला है वहां पर निर्मित आर्द्र भूमि प्रणाली को विकसित किया जाएगा। इसमें तरह-तरह के पौधे लगाए जाएंगे। इन पत्थर और पौधों से गुजरते हुए पानी अपने आप साफ हो जाएगा और उसके बाद नदी में प्रवेश करेगा।