शादी के चक्कर में आए झांसे में मैनेजर...21 लाख डूबने के बाद होश फाख्ता
बड़े व्यावसायिक संस्थान के प्रबंधक का पत्नी से हो चुका है तलाक
शादी के ऑनलाइन वेबसाइट पर युवती के संपर्क में आए, तीन माह तक चैटिंग के दौरान युवती ने करा दिया मैनेजर से निवेश
रोहित सिंह
गोरखपुर। शहर के एक बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान के प्रबंधक ने दूसरी शादी के फेर में 21 लाख रुपये की रकम गवां दी है। अब लोक-लज्जा के डर से केस दर्ज कराने से भी हिचक रहे हैं। साथ ही चिंता भी है कि ठगी की रकम कैसे आएगी। लिहाजा, अब लखनऊ के बड़े अधिकारियों के अलावा स्थानीय अधिवक्ता से लेकर साइबर थाने तक की दौड़ लगा रहे हैं। हालांकि, अभी तक कोई रास्ता नहीं निकला है।
व्यावसायिक प्रतिष्ठान के प्रबंधक एक प्रतिष्ठान का पूरा मैनेजमेंट भी देखते हैं। कुछ वर्ष पहले उनका पत्नी से तलाक हो गया था। कुछ दिन पहले अपने दोस्तों और शुभचिंतकों की सलाह पर उन्होंने दूसरे विवाह का फैसला किया। ऑनलाइन शादी की वेबसाइट पर पंजीकरण करवा लिया। सूत्रों के मुताबिक सितंबर में अचानक वेबसाइट पर इन्हें एक आवेदन आया, जिसे प्रबंधक ने अपने लिए मुफीद समझा और स्वीकार कर लिया। इसके बाद नंबर का आदान-प्रदान हुआ।
इसी बीच शुरू हुई बातचीत धीमे-धीमे दोस्ती में बदल गए। करीब तीन महीने तक दोनों ने आपस में व्हाट्सएप चैट किया और एक दूसरे के करीबी बन गए। लेकिन, इस दौरान एक बार भी मुलाकात नहीं हुई। विश्वास में लेने के बाद युवती ने ऑनलाइन करेंसी में रुपयों का निवेश करने की सलाह दी। सूत्रों ने बताया कि शुरू के निवेश में तो एक सप्ताह में ही 25 से 30 प्रतिशत रुपये का लाभ होने लगा।
इधर, निवेश में आर्थिक लाभ और भविष्य में विवाह करने के सपने में खोए प्रबंधक ने धीमे-धीमे 21 लाख रुपये तक निवेश कर दिया। इस दौरान निवेश की रकम का लाभ नहीं आया और समय बीतते चला गया तो प्रबंधक की तरफ से युवती पर दबाव बनाना शुरू किया गया। इसी बीच अचानक युवती शादी के वेबसाइट के साथ प्रबंधक के संपर्क से गायब हो गई।
अब ठगे गए प्रबंधक डूबी रकम को वापस पाने के लिए लखनऊ साइबर सेल के अलावा गोरखपुर के विधिक सलाहकारों से राय ले रहे हैं। पिछले कुछ दिनों पहले उन्होंने गोरखपुर साइबर थाने में जाकर संपर्क कर पूरी कहानी बताई थी। हालांकि, अभी तक इन्होंने केस दर्ज नहीं करवाया है।
ऑनलाइन करेंसी से ऐसे की ठगी
सूत्रों ने बताया कि महिला ने पहले एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया। इसमें इंटरनेशनल ऑनलाइन करेंसी में निवेश करने का झांसा दिया। दावा किया कि निवेश करने के बदले प्रतिमाह डॉलर खाते में आएगा। इसके लिए बैंक का खाता और आधार भी ले लिया। पहले पांच हजार रुपये तक निवेश करवा ऑनलाइन खाते में ही ब्याज का लाभ दिया। अधिक रकम लगाने पर ज्यादा लाभ की बात का भरोसा दिलाया। ग्रुप में कई लोगों ने निवेश और अपने लाभ की जानकारी दी। रकम अधिक होने पर एक दिन अचानक से ग्रुप बंद हो गया और रुपये फंस गए।
बड़े मुनाफे की चाह में गवां रहे बड़ी रकम
जूडीशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (जीटीआई) के गेस्ट फेकेल्टी व साइबर एक्सपर्ट अनुज अग्रवाल ने कहा कि लोगों को खुद सतर्क होने की जरूरत है। कम समय में और बड़े मुनाफे की राह इतनी आसान होती तो सभी आज बड़े उद्योगपति होते। शादी की या अन्य किसी भी वेबसाइट को भी चाहिए कि पंजीकृत होने वाली आईडी को लेकर सभी जानकारियां इकट्ठा करें। विवाह का मसला निजी और विश्वास का होता है। इन दिनों मलेशिया की महिला द्वारा ऐसे मामले आए दिन साइबर टीम की तरफ से सामने आते रहते हैं।