खोराबार में चोरी का खुलासा करते एसपी सिटी और सीओ कैंट।
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गोरखपुर के सहारा एस्टेट में रहने वाले कोचिंग संस्थान से जुड़े अरविंद त्रिपाठी के घर में चोरी करने के आरोप में पकड़ी गई सावित्री एक दिन में चोरनी नहीं बनी। पहले उसने कामकाज के लिए संपर्क किया और फिर एक साल ईमानदारी से काम कर भरोसा जीता। फिर धीरे-धीरे वह घर के गहनों को खाली करने लगी। उसे लगा घर में इतना पैसा है कि किसी को शक भी होगा तो काम से निकाल दिया जाएगा, इससे ज़्यादा कुछ नहीं होगा।
छह महीने से वह चोरी कर रही थी। लेकिन एक दिन उसने घर से वह हार चोरी कर लिया जो अरविंद ने अपने पत्नी को विशेष तौर पर गिफ्ट में दिया था। रोज झोले में गहने को छिपाकर ले जाती थी और उस दिन हार वाला डिब्बा झोले के ऊपर था। इसी हार के गायब होने के बाद अरविंद ने अपनी पत्नी से बात की। पीड़ित दंपती ने सीसीटीवी कैमरे को देखा तो झोले के ऊपर हल्का सा डिब्बा नजर आया।
इसके बाद नौकरानी पर शक हुआ। उन्होंने पुलिस को सूचना दी और फिर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी। सीसीटीवी कैमरे में पुलिस को भी वही नजर आया जो अरविंद को दिखा था। इसके बाद पुलिस ने नौकरानी सावित्री को हिरासत में लिया तो उसने राज उगल दिया कि किस सर्राफ के पास उसने गहने बेचे हैं। पुलिस ने सर्राफ को दबोचने के साथ पूरे घटना का पर्दाफाश कर दिया।
सोचा नहीं था ऐसा करेगी.. सब काम वाली ऐसी नहीं होती
अरविंद बताते हैं, सावित्री डेढ़ साल से काम कर रही थी, लेकिन छह महीने से उसकी नीयत में खोट आया था। बहुत से लोग काम के लिए किसी न किसी को रखते ही हैं, लेकिन सब काम करने वाली ऐसी नहीं होती। इस घटना से एक बात साफ है कि खुद सजग रहने की जरूरत है।