एम्स में इलाज न होने के बाद मरीज को निजी अस्पताल लेकर जाते परिजन। अमर उजाला
एम्स की इमरजेंसी में 25 अक्तूबर को इलाज के लिए लाए गए नवजात की हुई मौत के मामले की जांच के लिए समिति ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। जांच समिति ने बताया है कि बच्चे की मौत एंबुलेंस में ही हो गई थी।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज से 25 अक्तूबर 2025 को एक बच्चे को गंभीर अवस्था में एंबुलेंस से एम्स भेजा गया था।
बच्चे की एम्स में मौत हो गई थी। इस मामले में एम्स प्रशासन ने जांच के लिए आठ सदस्यीय टीम का गठन किया था। इस जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट दे दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बच्चे की मौत एंबुलेंस में ही हो गई थी।
एम्स की कार्यकारी निर्देशक डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि एंबुलेंस में आए बच्चे को वेंटिलेटर से हटाना खतरे से खाली नहीं था। उसके लिए दूसरे वेंटिलेटर वाले बेड का इंतजाम किया जा रहा था। इसी दौरान इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ने एंबुलेंस में जाकर देखा तो नवजात की मौत हो चुकी थी। इसकी जानकारी घरवालों को दे दी गई थी।